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युवाओं में बढ़ रही है गाइनेकोमेस्टिया (मेल ब्रेस्ट) की बीमारी

3 वर्ष पहले
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पुरुषों के ब्रेस्ट का बड़ा होना आज एक आम समस्या बनती जा रही है। युवाओं में यह ज्यादा देखी जा रही है। ज्यादातर यह बीमारी 18 से 30 वर्ष के पुरुषों में होती है। हार्मोन की मात्रा में गड़बड़ी इसका प्रमुख कारण है। आजकल की बदलती जीवनशैली, जिसमें प्रचुर मात्रा में वसा युक्त भोजन एवं व्यायाम न करना, इसे और बढ़ाती है। लंबे समय तक कुछ दवाओं के प्रयोग से साइड इफैक्ट के तौर पर भी गाइनेकोमेस्टिया बीमारी हो सकती है। थाइरॉइड एवं कोरटीकोस्टरॉयड हार्मोन के कारण ब्रेस्ट का साइज बड़ा होता है। टेस्टोस्टेरॉन और एस्ट्रोजेन हार्मोन में गड़बड़ी भी एक वजह है। कभी-कभी दर्द की शिकायत भी रहती है। व्यक्ति खुले कपड़ों में शर्म महसूस करते हैं, हीन भावना के शिकार हो जाते हैं।

एंटीबायोटिक दवाओं के सेवन से बीमारी का खतरा : युवा अवस्था में कई बार यह स्वत: ठीक हो जाता है। परंतु अगर ब्रेस्ट का लगातार विकास हो रहा है, तो चिकित्सकीय परामर्श लेना अनिवार्य है। कुछ मरीजों में दवाओं से सुधार हो जाता है और ब्रेस्ट का बढ़ना रुक जाता है। एंटीबायोटिक दवाओं का अधिक सेवन करने से भी गाइनेकोमेस्टिया होने की संभावना बढ़ जाती है, क्योंकि ये हार्मोन को प्रभावित करते हैं। सामान्य बीमारियों के लिए एंटीबायोटिक का सेवन बिल्कुल न करें। यदि कोई बीमारी है और उसका इलाज चल रहा है, और इसकी वजह से आपके स्तनों में बदलाव हो रहा है तो चिकित्सक से इस बारे में सलाह लें।

डे केयर सर्जरी है आसान : लाइपोसक्शन सर्जरी द्वारा बिना चिरा लगाए ब्रेस्ट को निकाल दिया जाता है। छाती पर चीरे का कोई निशान नहीं आता है। इसमें मरीज को अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता नहीं होती है। प्रक्रिया के बाद उसी दिन मरीज को छुट्टी मिल जाती है।

डॉ. पंकज कुमार, प्लास्टिक सर्जन, रांची

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