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स्नातक के सिलेबस में एबिलिटी इनहांसमेंट स्किल शामिल 100 अंक का हिंदी या अंग्रेजी पेपर सबके लिए अनिवार्य

3 वर्ष पहले
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डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी यूनिवर्सिटी (डीएसपीएमयू) के सिलेबस में सीबीसीएस सिस्टम के अनुसार डिजाइन किया गया है। अब स्नातक फर्स्ट सेमेस्टर आर्ट्स और साइंस के सभी स्टूडेंट्स को एबिलिटी इनहांसमेंट पेपर की पढ़ाई करना अनिवार्य हो गया है। यह पेपर 100 अंक का होगा। स्नातक कला और विज्ञान के सिलेबस को यूजीसी के पैटर्न पर तैयार किया गया है। बुधवार को विवि के कांफ्रेंस हॉल में वीसी डॉ. यूसी मेहता की अध्यक्षता में एकेडमिक काउंसिल की बैठक हुई, जिसमें सदस्यों ने चर्चा के बाद प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है।

उद्देश्य छात्रों का कम्युनिकेशन स्किल बढ़ाना : सिलेबस के अनुसार, हिंदी या अंग्रेजी लैंग्वेज में से किसी एक को स्टूडेंट्स अपनी इच्छा के अनुसार रख सकते हैं। इसका उद्देश्य छात्रों का कम्युनिकेशन स्किल बढ़ाना है। कुछ सदस्यों ने कहा कि एबिलिटी इनहांसमेंट स्किल के तहत 50 अंक की हिंदी या अंग्रेजी और 50 अंक क्षेत्रीय भाषा शामिल की जाए। अधिकतर सदस्यों का मानना था कि यूजीसी के अनुसार ही सिलेबस को रहने दिया जाए।

अवकाश में कार्य करने वाले शिक्षकों को मिलेगी ईएल

यूनिवर्सिटी के विभिन्न विभागों के एचओडी समेत अहम पद पर सेवा देने वाले शिक्षकों के लिए अच्छी खबर है। अब इन्हें अवकाश में कार्य करने के एवज में ईएल दी जाएगी। तीन दिन अवकाश में कार्य करने पर एक ईएल देने का प्रावधान है। इससे संबंधित प्रस्ताव को एकेडमिक काउंसिल के सदस्यों ने स्वीकृति दे दी है। बताते चलें कि ग्रीष्मावकाश में एचओडी अपने विभाग में नियमित रूप से आते हैं। ग्रीष्मावकाश 30 दिन का होता है। इसके एवज में एचओडी को 10 ईएल दी जाएगी।

विवि के दो संकायों के डीन पद पर हुई नियुक्ति

बैठक में डॉ. यूसी मेहता व अन्य सदस्य।

पीजी के सभी विभागों को यूनिवर्सिटी डिपार्टमेंट का दर्जा दे दिया गया

डॉ. श्यामा प्रसाद यूनिवर्सिटी में संचालित पीजी के सभी विभागों को यूनिवर्सिटी डिपार्टमेंट का दर्जा दे दिया गया है। इस प्रस्ताव पर एकेडमिक काउंसिल ने मुहर लगा दी है। डीएसपीएमयू के सभी पीजी विभागों में डिपार्टमेंट रिसर्च काउंसिल बनाने से संबंधित प्रस्ताव को काउंसिल के सदस्यों ने स्वीकृति दी है। साथ ही सदस्यों ने रजिस्ट्रार डॉ. एनडी गोस्वामी से काउंसिल में लिए गए निर्णय का नोटिफिकेशन शीघ्र जारी करने का आग्रह किया। डीएसपीएमयू प्रशासन ने दो संकायों के डीन पद पर वरीय शिक्षकों की नियुक्ति से संबंधित नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। ह्यूमिनिटी डीन का पद प्रो. एसके त्रिपाठी के रिटायर्ड हो जाने के कारण रिक्त था। डॉ. माधुरी प्रसाद को हृयूमिनिटी डीन पद नियुक्त किया गया है। वहीं सोशल साइंस के डीन पद पर डॉ. दिनेश तिर्की की नियुक्ति की गई है।

पीजी माइक्रोबायोलॉजी व पीजी डिप्लोमा इन हॉस्पिटल मैनेजमेंट की इसी सत्र से एडमिशन

एजुकेशन रिपोर्टर | रांची

डॉ. श्याम प्रसाद मुखर्जी यूनिवर्सिटी (डीएसपीएमयू) में इसी सेशन (2018-20) से पीजी माइक्रोबायोलॉजी और पीजी इन हॉस्पिटल मैनेजमेंट कोर्स में एडमिशन लिया जाएगा। बुधवार को वीसी डॉ. यूसी मेहता की अध्यक्षा में रांची कॉलेज को यूनिवर्सिटी का दर्जा मिलने के बाद पहली बैठक हुई। इसमें सदस्यों ने चर्चा के बाद दोनों कोर्सों से संबंधित प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी। बैठक में रजिस्ट्रार डॉ. एडी गोस्वामी, डॉ. एके गोविल, विनय सरावगी, डॉ. एसएम अब्बास, डॉ. नलिनी कांत महतो, डॉ. दिनेश तिर्की, डॉ. माधुरी प्रसाद, मो. अयूब, डॉ. सीताराम साहू व डॉ. अनंत सिन्हा समेत अन्य सदस्य थे।

पीजी के चार ट्रेडिशनल विषयों की इसी सत्र से पढ़ाई होगी। इसमें स्नातकोत्तर के जिन नए विषयों की पढ़ाई शुरू होने वाली है, उसमें अंग्रेजी, संस्कृत, फिलॉस्फी और बांग्ला विषय शामिल है। सोशियोलॉजी विषय की पढ़ाई शुरू करने के प्रस्ताव पर एकेडमिक काउंसिल ने स्वीकृति दे दी है। यूनिवर्सिटी में इसी सेशन से यूजी (2018-21) पीजी (2018-20) की पढ़ाई च्वाॅइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) से होगी। प्रस्ताव को एकेडमिक काउंसिल के सदस्यों ने स्वीकृति दे दी है।

सोशल साइंस डीन नियुक्ति को लेकर तीखी बहस

पहली एकेडमिक काउंसिल की शुरुआत अच्छी नहीं रही। डॉ. एके गोविल ने सोशल साइंस डीन नियुक्ति का मुद्दा उठाया। कहा कि सोशल साइंस के डीन नियुक्ति में नियम की अनदेखी की गई है। वीसी डॉ. यूसी मेहता ने कहा अपनी बात को आवेदन देकर रख सकते हैं। डॉ. एसएम अब्बास ने डॉ. गोविल से कहा कि मर्यादा का ख्याल रखें। आपका कार्यकाल आठ अप्रैल को ही समाप्त हो गया है। मीटिंग शांति से संचालित होने दें। इसके बाद डॉ. गोविल शांत हो गए।

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