रांची-दिल्ली गरीब रथ ट्रेन में पैंट्रीकार सुविधा 1 जुलाई से
दिल्ली से रांची समेत अन्य शहरों में चलने वाली गरीबरथ ट्रेन में भी यात्रियों को अब पैंट्रीकार की सुविधा मिलेगी। यह व्यवस्था एक जुलाई से लागू कर दी जाएगी। बाद में ऐसी सभी मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों में मिनी पैंट्रीकार देखने को मिलेगी, जिनमें खाने-पीने की व्यवस्था नहीं है। अभी आईआरसीटीसी की ओर से 334 मेल एक्सप्रेस ट्रेनों में कैटरिंग सुविधा दी जाती है। इनमें से 26 ट्रेनों में पैंट्रीकार है। इसके अलावा ट्रेनों में खाने की वितरण व्यवस्था दुरुस्त करने और शिकायतों का मौके पर ही समाधान निकालने के लिए हर ट्रेन में एक पैंट्री मैनेजर की नियुक्ति भी की जाएगी। वहीं कैटरिंग कर्मचारियों के बीच 3000 पॉस मशीनें दी जाएंगी, ताकि खाने की अधिक कीमत वसूलने और बिल न देने की शिकायतों से निपटा जा सके।
राजधानी, दूरंतो समेत 64 ट्रेनों में जुलाई से स्मार्ट मेन्यू की भी शुरुआत की जाने वाली है। इसके तहत यात्रियों को खाने-पीने के फैंसी आइटमों की बजाय साधारण और लोकप्रिय व्यंजन परोसे जाएंगे। संख्या की जगह गुणवत्ता पर अधिक ध्यान दिया जाएगा। वहीं विशेष श्रेणी की इन ट्रेनों में कैटरिंग कर्मियों को एक जैसी यूनिफार्म उपलब्ध कराई जा रही है। इन ट्रेनों में खाना परोसने के लिए ट्रॉली के अलावा गन्ने की खोई से बना इको- फ्रेंडली ट्रे का इस्तेमाल किया जाएगा।
खाना बनाने व पैकिंग के लिए बनेंगे 68 बेस किचन
रेलवे बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार नई खानपान नीति के तहत आईआरसीटीसी देश भर में बेस किचन बनाने में जुटा है। अब तक 16 बेस किचन तैयार हो चुके हैं। मार्च-2019 तक इनकी संख्या 35 हो जाएगी। दिसंबर-2019 तक 68 बेस किचन बनाने का लक्ष्य है। बेस किचन में खाना बनने से लेकर पैक होने तक विशेष प्रणाली से नजर रखी जाएगी। खाने की शुद्धता कितनी है और उसकी पैकिंग में साफ सफाई बरती जा रही है कि नहीं, इसकी मॉनिटरिंग की जाएगी। इसके अलावा पैंट्रीकारों पर भी नजर रखी जाएगी।