पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • ऑक्सीजन सिलेंडर के इंतजार में रिम्स गेट पर 1 घंटे तड़पा मरीज

ऑक्सीजन सिलेंडर के इंतजार में रिम्स गेट पर 1 घंटे तड़पा मरीज

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
रांची | राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स में लाखों-करोड़ों रुपए खर्च किए सुविधाएं दी जा रही हैं, लेकिन इसका फायदा मरीजों को नहीं मिल पा रहा है। बुधवार को सड़क दुर्घटना में घायल रामगढ़ निवासी शंभू कुमार और उनके परिजन रिम्स इमरजेंसी के बाहर करीब एक घंटे तक ऑक्सीजन सिलेंडर का इंतजार करते रहे। इस दौरान मरीज शंभु कुमार की स्थिति बेहद खराब हो गई। एक घंटे के बाद ऑक्सीजन सिलेंडर लाया गया, तब जाकर शंभु को इमरजेंसी में ले जाया गया और उसका इलाज शुरू हो पाया।

कर्मी ने पहले ऑक्सीजन का खाली सिलेंडर लाया

इस संबंध में मरीज के साले धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि ओरमांझी में हुई सड़क दुर्घटना के बाद घायल जीजा को बेहतर इलाज के लिए मेडिका से रिम्स रेफर किया गया। उन्हें एंबुलेंस से रिम्स लाया गया। उनको ऑक्सीजन लगा हुआ था। रिम्स इमरजेंसी में एंबुलेंस से उतारने से पहले उन्हें ऑक्सीजन लगाना था। यहां के स्टाफ एक ऑक्सीजन सिलेंडर लाए, लेकिन उसमें ऑक्सीजन ही नहीं था। फिर स्टाफ दूसरा सिलेंडर खोजने चले गए। करीब एक घंटे तक वे लोग एंबुलेंस में ही इंतजार करते रह गए। मरीज के परिजनों ने बताया कि शंभू कुमार की स्थिति काफी खराब थी, उन्हें तत्काल इलाज की आवश्यकता था। इस लापरवाही से मरीज की जान भी जा सकती थी।

रिम्स निदेशक बोले-गंभीर मामला है, जांच कर कार्रवाई करेंगे : इधर, इस मामले में पूछे जाने पर रिम्स निदेशक डॉ. आरके श्रीवास्तव ने कहा कि ऑक्सीजन के लिए मरीज को एक घंटे इंतजार करना गंभीर मामला है। इस संबंध में इमरजेंसी में तैनात कर्मियों से पूछताछ की जाएगी। अगर वे दोषी पाए जाते हैं तो कार्रवाई होगी।

खबरें और भी हैं...