पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • हर बीज जगह और गुण के अनुसार लेता है आकार

हर बीज जगह और गुण के अनुसार लेता है आकार

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
(बीज बोने वाले का दृष्टांत- संत लूकस अध्याय 8 पद संख्या 5 से 8 तक)

कोई बीज बोने वाला निकला। बोते-बोते कुछ बीच रास्ते के किनारे गिरे। वे पैरों से रौंदी गए और आकाश के पक्षियों ने उन्हें चुग लिया। कुछ बीज पथरीली भूमि पर गिरे, वे उग कर नमी के अभाव में धूप से झुलस गए। कुछ बीच कांटों के बीच गिरे, साथ-साथ बढ़ने वाले कांटों ने उन्हें दबा दिया। कुछ बीच उपजाऊ भूमि पर गिरे, अलग-अलग नमी, धूप और जलवायु के कारण कोई तीस गुना, कोई साठ गुना और कोई सौ गुना फल लाए।

बोने वाले दृष्टांत की व्याख्या

ईश्वर का वचन, बाइबल के अनुसार बीज है, बोने वाले स्वयं ईसा मसीह हैं। रास्ते के किनारे गिरे हुए बीज वे लोग हैं जो विश्वास के साथ प्रसन्नचित्त हृदय से वचन सुनते हैं, लेकिन मुक्ति प्राप्त न कर लें, इसलिए शैतान आकर उनके हृदय से बीज रूपी वचन को चुरा ले जाता है और पुराने ढर्रे में ही बने रहते हैं। पथरीली भूमि पर गिरे हुए बीज वे लोग हैं जो वचन सुनते ही खुशी से ग्रहण करते हैं, किंतु जड़ न जमने के कारण कुछ ही समय तक विश्वास करते फिर संकट के समय विचलित हो जाते हैं। कांटों के बीच गिरे हुए बीज वे लोग हैं, जो वचन सुनते हैं किंतु आगे चलकर वे चिंता धन-संपत्ति और जीवन के भोग-विलास से दब जाते हैं और परिपक्वता तक नहीं पहुंच पाते। उपजाऊ भूमि पर गिरे हुए बीज वे लोग हैं जो सच्चे निस्वार्थ और निष्कपट हृदय से वचन सुनकर सुरक्षित रखते और कई गुना फल पाते हैं।

ईसा मसीह का जमाना दो हजार वर्ष गुजर गया। सतयुग से कलियुग आ गया। आज के जमाने में किस्म-किस्म के हाईब्रीड बीज निकल आए हैं, जिनसे पैदावार दोगुनी-चारगुनी हो गई है, लेकिन हमारा स्वास्थ्य गिरता चला जा रहा है। उस जमाने में देसी-देहाती बीजों का प्रचलन था, जिससे बीमारियां और दवाइयां कम थीं, आज जितनी बीमारियां, उतनी दवाइयां निकल गई हैं। सभी धर्मों के सिद्धांत अच्छे हैं, लेकिन उनके मानने वालों में कई बुराइयां घर कर गई हैं, अतः ईश्वर-परमेश्वर का भय मानना और श्रद्धा रखना ही प्रज्ञा है और बुराई से दूर रहना बुद्धिमानी है।

रंजीत खलखो, रातू, रांची

नीति

जिसके पास हों ये 6 चीजें वह कभी दुःखी नहीं रहता

महाभारत में जीवन के कई पहलुओं पर रोशनी डालती है। इस ग्रंथ में कई महापुरुषों की नीतियों और विचारों का संग्रह है। महाभारत की नीतियों में जीवन के कई सूत्र हैं। सुखी जीवन से लेकर आत्मिक शांति तक हर पहलू पर महाभारत में नीतियां हैं। किन चीजों से इंसान को दुःख मिलता है, किन बातों से वह सुखी होता है, किन चीजों के होने से जीवन सफल होता है, ऐसी कई बातें इस ग्रंथ में बताइ गई हैं।

इसी ग्रंथ में धृतराष्ट्र और विदुर की बातचीत में एक नीति बताई गई है। जब विदुर से धृतराष्ट्र ने पूछा कि सफल और सुखी जीवन के लिए क्या-क्या जरूरी है, तो विदुर ने उन्हें उन छह चीजों के बारे में बताया जो जीवन को सफल बनाती है। किसी भी इंसान का जीवन इन 6 चीजों के आसपास ही बुना होता है, अगर ये हैं तो वो इंसान संसार का सबसे सुखी इंसान माना जाएगा।

धृतराष्ट्र के सवाल पर विदुर ने कहा...

‘अर्थोगमो नित्यमरोगिता च, प्रिया च भर्या प्रियवादिनी च।

वश्यच्श्र पुत्रोर्थकरी च विद्या, षड् जीवलोकस्य सुखानी राजन्।।’

अर्थ - जिसके पास नियमित धन की आवक है, जो निरोगी रहता है, जिसकी प|ी स्वभाव से बहुत अच्छी हो, जिसकी वाणी में मधुरता हो, जिसका पुत्र आज्ञाकारी हो और जिसने शिक्षा ली हो, ये छह चीजें जिनके जीवन में हो, वो सुखी होते हैं। वह इंसान दुनिया के सबसे सुखी इंसानों में से है।

खबरें और भी हैं...