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पिपरवार के राजधर साइडिंग में जल रहा करोड़ों का कोयला, टैंकर से आग को बुझाने का प्रयास

3 वर्ष पहले
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कोयलांचल के राजधर रेलवे साइडिंग में डिस्पैच के लिए स्टॉक किया गया लगभक 20000 टन कोयला जलकर राख हो रहा है, जिसकी कीमत लगभग 4 करोड 80 लाख रुपए बताई जा रही है। पिछले कई महीनों से पड़े इस कोयला का डिस्पैच रैक के माध्यम से होना था लेकिन सीसीएल प्रबंधन और जेपी निगरी थर्मल पावर (मध्य प्रदेश) की आपसी विवाद के कारण कोयले का उठाओ नहीं हो पाया और कोयले में आग लग गई। जिसके कारण करोड़ों का कोयला जलकर राख हो रहा है।

कोयला की ट्रांसपोर्टिंग का जिम्मा दुर्गा इंटरप्राइजेज को मिला था। दुर्गा इंटरप्राइजेज को डेढ़ लाख टन कोयले का ढुलाई खदान से राजधर साइडिंग तक करना था। कई महीनों से कोयला पड़े रहने के कारण आग लग गया है जिससे पूरा क्षेत्र प्रदूषण की चपेट में आ गया है इसके साथ ही क्षेत्र का तापमान भी भारी मात्रा में बढ़ रहा है। जिसमें ग्रामीणों को इस गर्मी के दिन में काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

उत्पादकता तभी बढ़ेगी, जब हर सदस्य खुश रहेंगे : गोपाल सिंह

वीके श्रीवास्तव को शॉल अोढ़ाते सीएमडी गोपाल सिंह।

कोयला ट्रांस्पोर्टिंग कंपनी का इस संबंध में कहना है कि सीसीएल प्रबंधन और थर्मल पावर के आपसी विवाद के कारण खाली रैक नहीं मिल पा रहा था। अभी प्रबंधन और थर्मल पावर में फिर से वार्ता हुई है जिसमें चार-पांच दिनों के अंदर रैक देने की बात कही गई है और जल्द ही सारे कोयले का उठाओ हो जाएगा। -गोविंद खंडेलवाल, जनरल मैनेजर, दुर्गा इंटरप्राइजेज

सिटी रिपोर्टर | रांची

सीसीएल में बुधवार को वीके श्रीवास्तव ने निदेशक योजना परियोजना का पदभार संभाल लिया। मुख्यालय दरभंगा हाउस के विचार मंच सभागार में सीसीएल परिवार द्वारा उन्हें सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि सीएमडी गोपाल सिंह ने उन्हें पुष्पगुच्छ, शॉल और श्रीफल देकर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि हमें पूरा विश्वास है कि वीके श्रीवास्तव अपने वृहद अनुभव से सीसीएल परिवार में एक नया आयाम जोड़ेंगे। इस परिवार को नई उंचाईयों तक ले जाएंगे। उन्होंने कहा कि सीसीएल को हम सभी एक परिवार के रूप में देखते हैं और हमारी प्रगति व उत्पादकता तभी बढ़ेगी, जब परिवार के हर सदस्य खुश रहेंगे।

उन्होंने सभी से वर्क लाईफ बैलेंस बनाने का आग्रह किया। कहा कि हम सभी कंपनी में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देते हुए उत्कृष्ट कार्य का निष्पादन कर सकेंगे। कार्यक्रम में निदेशक वित्त डीके घोष, निदेशक कार्मिक आरएस महापात्र और निदेशक तकनीकी एके मिश्रा ने भी उनका स्वागत किया। निदेशक एके मिश्रा ने कहा कि उन्हें ईसीएल में अपने कार्यकाल के दौरान वीके श्रीवास्तव के साथ काम करने का मौका मिला है। वीके श्रीवास्तव को भूमिगत और खुली खदानों में कार्य करने का वृहद अनुभव है। निदेशक वित्त डीके घोष ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि उनका कार्यकाल सीसीएल को उच्च शिखर तक ले जाएंगे। नवनियुक्त निदेशक वीके श्रीवास्तव ने कहा कि वह खुद पारिवारिक हैं। उनका सौभाग्य है कि जिस तरह सीएमडी गोपाल सिंह सीसीएल को एक परिवार के रूप में परिभाषित करते हैं, वह भी ठीक उसी तरह परिवार में कार्य करेंगे। मंच संचालन के दौरान निदेशक कार्मिक आरएस महापात्र ने स्वागत करते हुए कहा कि माईनिंग क्षेत्र में उन्हें लंबा अनुभव रहा है, जिसका लाभ निश्चय तौर पर कंपनी को भविष्य में मिलेगा।

क्या है मामला

जे पी निगरी थर्मल पावर (मध्य प्रदेश) और सीसीएल प्रबंधन में एमओयू होने के बाद पावर हाउस ने डेढ़ लाख टन कोयला सीसीएल से खरीदा जिसका डिस्पैच राजधर साइडिंग के माध्यम से होना था ।उसके के बाद खदान से लगभग 20000 टन कोयले का उठाव दुर्गा इंटरप्राइजेज के माध्यम से किया गया और उस कोयले को राजधर साइडिंग में स्टॉक किया गया ।लेकिन अचानक से सीसीएल प्रबंधन और थर्मल पावर में आपसी विवाद के कारण पिछले 3 महीने से जे पी निगरी थर्मल पावर को एक भी खाली रैक नहीं दिया गया ।जिसके कारण कोयला का उठाओ नहीं हो पाया और कोयला पावर हाउस तक डिस्पैच नहीं हो पाया। इस संबंध में जानकारी के अनुसार राजधर साइडिंग के कोयले स्टॉक में आग लग जाने के कारण लगभग चार करोड़ का कोयला जल कर राख हो रहा है ।वही डेढ़ लाख टन कोयला जो खदान में पड़ा हुआ है उसमें भी आग लग चुकी है। ज्ञात हो कि यह सारा कोयला मगध आम्रपाली से जे पी निगरी पावर हाउस ने खरीदा है कोयले में आग लग जाने के कारण क्षेत्र में प्रदूषण भी फैल रहा है ।आग पर काबू पाने के लिए टैंकर से पानी का छिड़काव कर आग को बुझाने की कोशिश की जा रही है। लेकिन ज्ञात हो कि जलता हुआ कोयला आने वाले दिनों में अगर रैक में लोड हुआ तो वह आग का कारण भी बन सकता है। संबंधित विभाग से बात करने पर पता चला कि सीसीएल प्रबंधन अपना खुद का लगाने के कारण बात अटक गई थी।

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