2022 तक खुलेंगे 100 नए डिग्री और इंजीनियरिंग कॉलेज : नीरा
शिक्षा मंत्री नीरा यादव ने बुधवार को कहा कि वर्ष 2022 तक राज्य में 100 नए डिग्री कॉलेज, महिला कॉलेज, पॉलिटेक्निक कॉलेज और इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने का लक्ष्य रखा गया है। इस कड़ी में 58 कॉलेजों और 3 विश्वविद्यालयों को अपडेट किया जा रहा है। इसी क्रम में कई प्राइवेट विश्वविद्यालय भी खुले हैँ। इन सभी सुधार के कामों के लिए एआईएसएचई पोर्टल पर कॉलेजों के सभी प्रकार के डाटा अपलोड करना जरूरी है। ऐसा डाटा के आधार पर हमें वास्तविक स्थिति की जानकारी होती है और हम गुणवत्तापूर्ण विकास करने को तत्पर होते हैं। कॉलेजों में एडमिशन के मामले में झारखंड का ग्रॉस इनरोलमेंट रेशियो राष्ट्रीय सूचकांक तक पहुंच गया है।
अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण (एआईएसएचई) के रीजनल वर्कशॉप को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि वर्तमान में राज्य का सकल नामांकन अनुपात 17.7 है। यहां पर 18-23 आयुवर्ग के 39 लाख बच्चे हैं। इन युवाओं को उच्च शिक्षा की ओर प्रेरित करने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। कार्यशाला को उच्च शिक्षा निदेशक अबु इमरान ने भी संबोधित किया। अंशुल अग्रवाल ने बताया कि एआईएसएचई पोर्टल एक सर्विस प्लेटफॉर्म है, जहां पर कई कार्यक्रमों की जानकारी मिल सकती है। झारखंड एआईएसएचई के नोडल पदाधिकारी डॉ. शंभू दयाल सिंह ने कहा कि झारखंड में चांसलर पोर्टल की सहायता से डाटा अपलोड किया जा रहा है। तकनीकी सत्र को एआईएसएचई के डायरेक्टर राजकुमार, अमित कुमार, प्रवीण आदि ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के उपाय बताए। शत प्रतिशत डाटा अपलोड के लिए नोडल अफसरों को सम्मानित किया गया।
एआईएसएचई पर डाटा अपलोड करने से खुलेगा आगे का रास्ता
वर्कशॉप में बोलतीं शिक्षा मंत्री
विभागीय सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि एआईएसएचई पर डाटा अपलोड करने पर ही आगे का रास्ता खुलेगा। इन डाटा के विश्लेषण से हम जान पाएंगे कि छात्रों की संख्या या उनकी किस विषय में रूचि है। प्रोफेसरों की कितनी कमी है। किस क्षेत्र में कॉलेज खोलना जरूरी है। सचिव ने अपने व्यक्तिगत अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि ग्रॉस इनरोलमेंट रेशियो को इसी डाटा के कारण बढ़ाया जा सका है। राज्य के 35 विधानसभा क्षेत्रों में एक भी सरकारी कॅालेज नहीं हैं।
सम्मानित हुए एआईएसएचई नोडल पदाधिकारी
राज्य नोडल पदाधिकारी
झारखंड डॉ. शंभू दयाल सिंह
छत्तीसगढ़ डॉ. समरेन सिंह
ओड़िशा डॉ. रश्मि मिश्रा
प. बंगाल डॉ. तरुण कुमार गैरा