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शहर को पानी पिलाने के लिए 10 टैंकर राज्यसभा सांसद देंगे, 25 टैंकर और ट्रैक्टर की होगी खरीदारी
राजधानी के लोगों से नगर निगम 50 करोड़ रुपए सालाना टैक्स वसूल रही है। इसके बावजूद लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। पानी के लिए लोग दिन-रात भागदौड़ कर रहे हैं। बुधवार को नगर निगम बोर्ड की पहली बैठक में सभी 53 वार्ड के पार्षदों ने 5 घंटे तक पानी की किल्लत का रोना रोया। सबने एक ही बात कही- किसी भी हाल में पानी की तत्काल व्यवस्था की जाए। वार्ड 21 के पार्षद एहतेशाम मंजर और वार्ड 23 की पार्षद साजदा खातून ने तो यहां तक कह दिया कि अब लोगों को नहीं समझा सकते। पानी नहीं पिलाएंगे तो लोग सड़क पर उतरेंगे। उन्माद फैलेगा तो इसकी जवाबदेही अफसरों पर होगी। बैठक में पेयजल स्वच्छता विभाग के सभी प्रमंडल के इंजीनियर भी उपस्थित थे। सप्लाई पानी नहीं आने, पाइपलाइन बिछा कर छोड़ देने और टावर को समय पर पानी नहीं देने के सवाल पर इंजीनियरों ने चुप्पी साध ली। इंजीनियरों ने फिर रटा-रटाया जवाब दिया कि रूक्का से शहर में पानी लाने के लिए अब भी पाइप नहीं बिछा है। अगले दो साल तक पानी नहीं पहुंचा सकते।
मौके पर पार्षद एहतेशाम की मांग पर राज्यसभा सांसद महेश पोद्दार ने 4 हजार लीटर के 10 टैंकर देने का पत्र मेयर को सौंपा। इसके अलावा और 25 टैंकर-ट्रैक्टर लेने, 10 हाइड्रेंट की व्यवस्था करने का प्रस्ताव नगर विकास मंत्री को भेजने का निर्णय लिया गया। निगम के पास अभी मात्र 65 टैंकर हैं। इनमें से 60 टैंकर से ही वार्डों में पानी पहुंचाया जा रहा है। मौके पर मेयर आशा लकड़ा, डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय, विधायक जीतू चरण राम, नगर आयुक्त डॉ. शांतनु अग्रहरि सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
फंड के लिए मंत्री को भेजा जाएगा प्रस्ताव
तीन अफसरों पर होगा एक्शन : निजी घरों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग नहीं बनाने के मामले में नगर आयुक्त ने कहा कि वाटर बोर्ड के ईई, सहायक अभियंता और सिटी मैनेजर पर विभागीय कार्रवाई चलेगी।
रमजान में जलसंकट दूर करने को विभिन्न क्षेत्रों सिंटेक्स टंकी रखी जाएंगी
रमजान के दौरान लोगों को पानी के लिए भागदौड़ न करना पड़े, इसलिए कुछ स्थानों पर सिंटेक्स टंकी रखी जाएंगी। इन्हें टैंकर भेजकर भरा जाएगा। जहां मिनी एचवाईडीटी काम नहीं कर रहा है, उसे दुरुस्त किया जाएगा। इसके अलावा हरमू हाउसिंग कॉलोनी में कराए गए पांच डीप बोरवेल का भी इस्तेमाल किया जाएगा। वहां से पानी लेने में जो बिजली खर्च होगी, उसके बिल का भुगतान स्थानीय लोगों की कमेटी करेगी।
अनाप-शनाप बिल से बचने के लिए लगाएं मीटर
शहर के अधिकतर मुहल्लों में पानी का अनाप-शनाप बिल भेजने का पार्षदों ने विरोध किया। इस पर नगर आयुक्त ने कहा कि वाटर बिल तभी माफ किया जाएगा, जब जलापूर्ति नहीं होने का संबंधित व्यक्ति प्रमाण देगा। इसका निदान यह है कि लोग अपने घर में वाटर मीटर लगाएं। मीटर रीडिंग के आधार पर विवर्स कमेटी बिल माफ करने पर फैसला लेगी।
50 टंकियां गायब, कहां गईं, किसी को नहीं मालूम
विभिन्न वार्डों में दो साल पहले लगाई गईं 50 सिंटेक्स टंकियों का कोई अता-पता नहीं है। बैठक में पार्षदों ने इसके बारे में जानकारी मांगी। वाटर बोर्ड के पदाधिकारियों ने साफ कर दिया कि टंकियों की खरीदारी करके दे दी गई थीं। इस पर नगर आयुक्त ने 24 घंटे के अंदर सभी टंकियों का पता लगाकर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया।
अब लोगों को नहीं समझा सकते। पानी नहीं पिलाएंगे तो लोग सड़क पर उतरेंगे। उन्माद फैलेगा तो जवाबदेही अफसरों पर होगी : साजदा खातून
पानी के लिए पार्षद फोन करते हैं, हेल्थ अफसर नहीं देतीं जवाब : वार्ड 27 के पार्षद ओमप्रकाश ने बैठक में ही हेल्थ अफसर की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने कहा कि पानी के लिए पिछले एक सप्ताह से हेल्थ अफसर को 50 बार फोन किया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। नगर आयुक्त ने इसे गंभीर बताते हुए कहा कि निगम का कोई भी पदाधिकारी फोन न उठाए या फोन का जवाब न दे तो इसकी शिकायत करें। संबंधित पदाधिकारी पर कार्रवाई होगी। इसमें किसी का अगर-मगर नहीं चलेगा।
8 घंटे बंद रही वाटर सप्लाई
रूक्का में मेंटेनेंस, आज भी 5 लाख लोगों को पानी नहीं
रांची | रूक्का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में मेंटेनेंस वर्क चलने के कारण बुधवार को शहर के बड़े इलाके में जलापूर्ति ठप रहे। लगभग पांच लोगों को पानी नहीं मिल सका। संप की सफाई और मरम्मत कार्य गुरुवार को भी जारी रहेगा। इस कारण बूटी, ईरबा , बरियातू रोड, कोकर, दीपाटोली, नामकुम सैनिक छावनी, मेन रोड, लालपुर, वर्द्धमान कंपाउंड, हिंदपीढ़ी, अपर बाजार, मोरहाबादी, हरमू रोड, किशोरगंज, पहाड़ी टोला, कुम्हार टोली, पिस्का मोड़ समेत अन्य इलाकों में वाटर सप्लाई नहीं किया जा सकेगा। इधर, रूक्का डैम के ईई प्रभात कुमार ने बताया कि रूक्का प्लांट के संप नंबर-4 की सफाई समेत अन्य मेंटेनेंस वर्क होने के कारण बुधवार को सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक वाटर सप्लाई बंद रही। शाम 7 बजे के बाद वाटर पंपिग कार्य शुरू हो गया। बूटी में देर शाम से पानी भेजा जाने लगा। वहीं बूटी जलागार के ईई सुनील कुमार ने कहा कि शुक्रवार से ही जलापूर्ति की स्थिति सामान्य हो पाएगी।
रातू रोड और पिस्का मोड़ की स्थिति सबसे खराब : रातू रोड और पिस्का मोड़ इलाके के लोगों की सबसे बुरी स्थिति। हर दिन दो 2 लाख लोग झेल रहे पानी की किल्लत। हर एक दिन जलापूर्ति तो हो रही, लेकिन मिलने वाला पानी न के बराबर है। रातू रोड जलमीनार को बूटी से पर्याप्त पानी नहीं मिलने से यह समस्या गहराई हुई है। लोग निजी बोरिंग, नगर निगम की बोरिंग और वाटर टैंकर से काम चला रहे हैं।
आज इन इलाकों में मिलेगा पर्याप्त पानी
बूटी-हटिया लाइन को गुरुवार को रूक्का डैम से पर्याप्त पानी मिलेगा। इसके कारण कांटा टोली, सिरम टोली, चर्च रोड, डोरंडा, अशोक नगर आदि इलाके में जलापूर्ति सामान्य रहेगी।