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देवघर में बनेगा एम्स, केंद्र ने मंजूर किए 1103 करोड़ रुपए

3 वर्ष पहले
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केंद्र सरकार ने देवघर में क्षेत्रीय एम्स बनाने की मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में एम्स के लिए 1103 करोड़ रुपए के आवंटन की स्वीकृति दी गई। प्रधानमंत्री 25 मई को झारखंड दौरे पर आएंगे और इसका शिलान्यास करेंगे। शिलान्यास के बाद अगले 45 महीने में यह अस्पताल बनकर तैयार हो जाएगा। इस पर कुल 1130 करोड़ रुपए की लागत आएगी। देवघर के देवीपुर में 236.92 एकड़ में बनने वाले एम्स में 750 बेड होंगे। ट्रॉमा सेंटर भी बनेगा।

एम्स के मेडिकल कॉलेज में हर वर्ष एमबीबीएस में 100 छात्रों का दाखिला होगा। वहीं नर्सिंग कॉलेज में बीएससी नर्सिंग में सालाना 60 छात्राओं का एडमिशन लिया जाएगा। यहां आवासीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी। 20 अत्याधुनिक विभाग और 15 ऑपरेशन थियेटर होंगे। पारंपरिक चिकित्सा पद्धति के तहत उपचार के लिए 30 बेड वाले आयुष विभाग की भी स्थापना की जाएगी।

एम्स : एक नजर में

236.92 एकड़ में देवघर के देवीपुर अंचल में बनेगा

45 महीने में बनकर तैयार हो जाएगा

750 बेड होंगे, एक ट्रॉमा सेंटर भी बनाया जाएगा

हर साल एमबीबीएस में 100 छात्र और नर्सिंग बीएससी में 60 छात्राओं के दाखिले होंगे

30 बेड वाला आयुष विभाग भी होगा

1130 करोड़ की लागत आएगी

20 अत्याधुनिक विभाग और 15 ऑपरेशन थियेटर

जनवरी 2017 में मिली थी एम्स की स्वीकृति

प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (पीएमएसएसवाई) के तहत केंद्रीय मंत्रालय ने पिछले साल 10 जनवरी को झारखंड में एम्स के निर्माण की स्वीकृति दी थी। इसके लिए राज्य सरकार ने देवघर के देवीपुर अंचल में कुल 236.92 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया। अक्टूबर 2017 में एम्स की चहारदीवारी का निर्माण पूरा हुआ और भूमि पूजन किया गया। सरकार ने दो जनवरी को इस जमीन को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को नि:शुल्क हस्तांतरित कर दिया। 18 अप्रैल को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में अवर सचिव विनोद कुमार के साथ देवघर के डीसी ने डीड ऑफ कन्वेंशन पर हस्ताक्षर किए।

संथाल परगना को होगा विशेष लाभ

एम्स बनने से झारखंड के लाेगों को काफी लाभ मिलेगा। खासकर संथाल परगना के लोगाें को। अभी इस क्षेत्र के लोगों को इलाज के लिए रांची आना पड़ता है। एम्स बन जाने के बाद वे वहीं इलाज करा सकेंगे। इससे उन्हें काफी सहूलियत होगी।

20 मेगावाट बिजली की होगी जरूरत

एम्स के लिए 20 मेगावाट बिजली और 15 लाख लीटर पानी की जरूरत होगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने ऊर्जा विभाग और पेयजल विभाग को इसी महीने पत्र लिखा है। इसमें बिजली और पानी उपलब्ध कराने को कहा है। इसके अलावा सरकार ने 12 मार्च को पथ निर्माण विभाग को भी पत्र लिखा है। इसमें एम्स तक पहुंचने के लिए फोरलेन सड़क बनाने को कहा है।

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