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आई फ्लू होने पर नहीं डालें स्टीराॅयड युक्त ड्रॉप, यह बढ़ाएगी इन्फेक्शन और सूजन

3 वर्ष पहले
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हेल्थ रिपोर्टर रांची



आंखों में किरकिरी महसूस हो रही है, आंखों में दाने जैसे आ चुके हैं, साथ ही आंखें लाल होने के साथ साथ इनमें सूजन आ रही है। यह वायरल कंजेक्टिवाइटिस के लक्षण हैं। बारिश के दिनों में यह सामान्य हैं। इसे आंख आना या फिर आइ फ्लू भी कहा जाता है। ज्यादातर लोगों में यह भ्रम है कि यह बीमारी फ्लू वाली आंखों में देखने से फैलती है। जबकि यह सही नहीं है। यह पेशेंट के संपर्क में आने से फैलती है। कारणवश पेशेंट के रूमाल और कपड़े को टच करने से भी यह स्वस्थ व्यक्ति को फैल सकता है। पेशेंट के संपर्क में आने पर यह पूरे घर में फैल सकती है। हालांकि, इससे विजन लॉस नहीं होता है। लेकिन सात दिन तक आंखों में सूजन बनी रहती है। आंखें लाल रहती है। इसकी रोकथाम की जा सकती है। इलाज संभव है।

बचाव के लिए क्या करें

घर या वर्क प्लेस पर यदि किसी को आई फ्लू हो रहा है। तो उसे छुट्टी पर रहना चाहिए। यहां तक कि दवाई डालने के बाद भी हैँडवॉश करें। यह वायरस से फैलता है। यह आसानी से ट्रांसमिट होता है। बिना डॉक्टर की सलाह लिए दवाइयां आंख में नहीं डाले। कुछ आई ड्रॉप में स्टीरॉयड भी शामिल होता है। जिसकी वजह से यह बीमारी बढ़ जाती है। आंखों में सूजन कम करने के लिए ल्युब्रिकेंटस देते हैं। इसमें इंफेक्शन का खतरा भी नहीं रहता है।

-डॉ. रंजीत सिंह, आई स्पेशलिस्ट, रांची।

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