ठगी के 39.15 लाख रिकवर, 196 मामले दर्ज, 428 अपराधी गिरफ्तार
राजधानी सहित अन्य जिलों में साइबर अपराध की घटनाएं बढ़ीं हैं। झारखंड देश में साइबर अपराधियों का गढ़ बनता जा रहा है। अब देश भर की पुलिस इन्हें गिरफ्तार करने के लिए झारखंड पहुंच रही है। इसे देखते हुए अब साइबर अपराधी अपना नया गढ़ जामताड़ा छोड़ गोड्डा, देवघर और धनबाद में बना रहे हैं। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए एक अक्टूबर से 31 मार्च तक झारखंड के 6 जिले रांची, गिरिडीह, देवघर, जामताड़ा, दुमका और धनबाद में अभियान चलाया गया। इन जिलों में साइबर अपराध के 196 मामले दर्ज हुए। इसमें 428 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है, जो हाल की बड़ी उपलब्धि है। पिछले 1 साल में साइबर अपराध की संख्या में काफी बढ़ोत्तरी हुई है। इसके बाद पुलिस मुख्यालय ने साइबर अपराधियों के खिलाफ अभियान छेड़ रखा है।
साइबर अपराधियों के खिलाफ चल रहे अभियान के दौरान 6 महीने में 39 लाख 15 हजार 400 रुपए जो ठगी हुए थे, उसे साइबर पुलिस ने रिकवर किया है। मार्च में साइबर ठगी के 24 मामले दर्ज हुए।
1886 सिम कराए गए ब्लॉक
साइबर अपराधी ठगी में सबसे अलग-अलग जगहों से खरीदे गए सिम का इस्तेमाल करते हैं। 6 महीने में अभियान के दौरान साइबर पुलिस को 1886 सिम ऐसे मिले, जिनसे फोन कर ठगी की जा रही थी। इन सभी सिम कार्ड को ब्लॉक करा दिया गया है। अधिकांश सिम पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड के विभिन्न जिलों से खरीदे गए थे। 23 सिम बेचने वालों पर प्राथमिकी दर्ज हुई है।
44 मामलों में चला स्पीडी ट्रायल, आठ को सजा
1 अक्टूबर 2017 से 31 मार्च 2018 तक चले साइबर अभियान के दौरान 44 मामलों में स्पीडी ट्रायल चलाया गया। इसमें आठ पर दोष सिद्ध हुआ और उन्हें सजा मिली है।
देवघर, धनबाद व गोड्डा में ठिकाना बना रहे हैं
साइबर अपराध का सबसे बड़ा ठिकाना अपराधियों का जामताड़ा था। अब नया ठिकाना देवघर, गोड्डा और धनबाद हो गया है। पुलिस मुख्यालय ने इसका ग्राफ तैयार किया है।