पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • बाबा साहेब ने प्रतिभा से तोड़ी सारी बाधाएं

बाबा साहेब ने प्रतिभा से तोड़ी सारी बाधाएं

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
बाबा साहेब भीमराव अांबेडकर इस बात के प्रतीक हैं कि यदि आप में प्रतिभा है, तो समाज भी आपका साथ देता है। जब अस्पृश्यता अपने चरमोत्कर्ष पर था, उस समय बाबा साहेब को विदेश में पढ़ने की व्यवस्था उसी समाज ने की। प्रोत्साहित करना और हतोत्साहित करना दोनों समाज का हिस्सा है। लेकिन यदि आप में प्रतिभा है, तो जीत आपके उत्साह की होती है। ये बातें डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विवि (डीएसपीएमयू) के कुलपति डॉ. यूसी मेहता ने कही। वे डॉ. भीमराव अांबेडकर जयंती समारोह में बोल रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन विवि व कल्याण विभाग ने संयुक्त रूप से किया था। इसे सफल बनाने में डॉ. अयूब, डॉ. शालिनी लाल, डॉ. गीतांजलि सिंह, डॉ. अभय सिंह सहित अन्य का योगदान रहा।

सामाजिक समरसता के मसीहा थे डॉ. आंबेडकर

डीएसडब्ल्यू डॉ. नमिता सिंह ने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने अपने अनुभव से संविधान में जो रचा वह मूलत: भारतीय आध्यात्मिक चेतना पर आधारित है। विवि के रजिस्ट्रार डॉ. एनडी गोस्वामी ने कहा कि बाबा साहब सामाजिक समरसता के मसीहा थे। भारतीय समाज हमेशा उनका ऋणी रहेगा। डॉ. रीना नंद ने स्वागत भाषण और को-ऑर्डिनेटर डॉ. विनय भरत ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

निबंध, क्विज व पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता भी हुई
मौके पर विद्यार्थियों के लिए निबंध, क्विज और पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता आयोजित की गई। क्विज का परिणाम शुक्रवार को जारी हुआ। अन्य प्रतियोगिता का परिणाम 17 अप्रैल को जारी होगा। क्विज का संचालन डॉ. धनंजय द्विवेदी ने किया, जिसमें आशीष रंजन और कुमारी प्रीति सिन्हा प्रथम, अंकित नंदन और राहुल कुमार द्वितीय तथा विकास कुमार और शुभम सिंह तृतीय रहे।

खबरें और भी हैं...