शिलान्यास के पांच माह बाद हरमू फ्लाईओवर का फिर निकाला टेंडर
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राज्य स्थापना दिवस पर 15 नवंबर 2017 को जिस फ्लाईओवर के निर्माण का शिलान्यास किया था, उसका टेंडर फिर निकाला गया है। नगर विकास विभाग की एजेंसी झारखंड अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कंपनी (जुडको) ने शुक्रवार को कंपनी चयन के लिए टेंडर निकाला। 5 मई को टेंडर खोला जाएगा। इसमें सफल होनेवाली कंपनी को ही फ्लाईओवर निर्माण का काम मिलेगा।
राजभवन से रातू रोड चौक होते हुए हरमू पुल तक प्रस्तावित फ्लाईओवर निर्माण के लिए जुडको ने इस बार भी टेंडर निकाल तो दिया है, लेकिन अभी तक जमीन नहीं मिली है। जिला प्रशासन की ओर से अभी भी जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। बताते चलें कि जुडको ने हरमू फ्लाईओवर के लिए पिछले साल अप्रैल में ही टेंडर फाइनल कर मुंबई की कंपनी सुप्रीम इंफ्रा को वर्कऑर्डर दे दिया था, लेकिन बाद में उक्त कंपनी को पथ निर्माण विभाग द्वारा ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया था। इसकी जानकारी मिलने के बाद उसकी जांच कराई गई, फिर पिछले माह जुडको ने कंपनी के साथ हुए एग्रीमेंट को रद्द कर दिया था।
निर्माण के लिए जुडको ने इस बार भी टेंडर निकाल तो दिया है, लेकिन अभी तक जमीन नहीं मिली है
कागजात की जांच हुई होती तो फिर टेंडर नहीं होता
जुडको की टेंडर कमेटी में पथ निर्माण विभाग के भी इंजीनियर रहते हैं। जुडको में भी नामी गिरामी इंजीनियरों को रखा गया है। इसके बावजूद जिस तरह झारखंड के पथ निर्माण विभाग में ही सुप्रीम इंफ्रा को डिबार किया गया था। इससे पता चलता है कि इतने काबिल लोगों के रहते सही से टेंडर पेपर की जांच नहीं की गई। अब जिस तरह नए सिरे से फ्लाईओवर की टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है, इससे स्पष्ट है कि प्रोजेक्ट में काफी वक्त लग सकता है।
जमीन अधिग्रहण का विरोध, फिर भी जनसंवाद नहीं
हरमू व कांटाटोली फ्लाईओवर, स्मार्ट रोड समेत शहर में प्रस्तावित अन्य योजनाओं के लिए जमीन का अधिग्रहण होना है। इसका जबर्दस्त विरोध हो रहा है। हरमू रोड के रैयतों ने फ्लाईओवर और स्मार्ट रोड के लिए अपनी जमीन देने से साफ इंकार कर दिया है। बावजूद आज तक जुडको की ओर से जनता से सीधा संवाद नहीं किया गया। प्रभावित होनेवाले लोगों को आज तक योजना की पूरी जानकारी तक नहीं दी गई।