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रिनपास नियुक्ति घोटाला में हाईकोर्ट ने प्राथमिकी रद्द की

3 वर्ष पहले
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रिनपास नियुक्ति घोटाला और वित्तीय अनियमितता को लेकर वर्ष 2016 में दर्ज प्राथमिकी को हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया। इस मामले में राज्य के कई पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह, हेमलाल मुर्मू, पूर्व स्वास्थ्य सचिव बीके त्रिपाठी समेत रिनपास के कई चिकित्सक डॉ एके नाग, डॉ पवन कुमार, डॉ अमूल रंजन, डॉ कप्तान सिंह सेंगर, डॉ मनीषा किरण, डॉ मशरूर जहां और कई कर्मचारी नामजद आरोपी हैं। जस्टिस रोगंन मुखोपाध्याय की कोर्ट ने एफआईआर रद्द करते हुए कहा कि सीआरपीसी की धारा-190 से 204 के तहत दिए प्रावधानाें का सही तरीके से पालन नहीं किया गया है। कोर्ट ने एसीबी को यह भी निर्देश दिया है कि अगर प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में मामले में नामित आरोपियों की संलिप्तता स्पष्ट रूप से दिखती हो तो वैसे आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई प्रारंभ कर सकती है। मालूम हो कि मामले में आरोपी राज्य के पूर्व स्वास्थ्य सचिव बीके त्रिपाठी ने क्रिमिनल रिट याचिका दायर की। इसके अलावे अमूल रंजन सिंह ने हाईकोर्ट में क्वाइशिंग याचिका दायर की थी।

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