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सबसे अधिक वाहन परमिट डिप्टी मेयर के झामुमो प्रत्याशी को, दूसरे पर भाजपा

3 वर्ष पहले
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रांची नगर निगम चुनाव में सिर्फ नौ दिन रह गए हैं। प्रत्याशी धुआंधार प्रचार कर रहे हैं। गली-मुहल्लों में हर तरफ वोट अपने पक्ष में करने के लिए सभी हाईटेक तरीके अपनाए जा रहे हैं। उम्मीदवारों के प्रचार वाहन सभी वार्डों में घूम रहे हैं। निर्वाची पदाधिकारी नरेंद्र कुमार गुप्ता से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, डिप्टी मेयर पद के लिए चुनाव लड़ रहे पांच प्रत्याशियों ने एक से दो वाहन और 10 अन्य उम्मीदवारों ने तीन से सात प्रचार गाड़ियों का परमिशन ले रखा है। जबकि चार प्रत्याशी ऐसे हैं, जिन्होंने अब तक एक प्रचार वाहन की भी अनुमति नहीं ली है। ये सिर्फ डोर टू डोर जनसंपर्क कर रहे हैं।

आंकड़े बताते हैं कि झामुमो प्रत्याशी अशरफ खान ने सबसे अधिक वाहनों का परमिशन लिया है। जिन गाड़ियों की उन्होंने अनुमति ली है, उनमें 5 पिकअप वैन और दो एक्स-यूवी शामिल हैं। इसके बाद सबसे अधिक वाहन लेने वाले प्रत्याशी भाजपा के संजीव विजयवर्गीय हैं। उन्होंने छह गाड़ियों की अनुमति ली है। इनमें पांच टाटा-एस और एक कार शामिल हैं। तीसरे नंबर पर पांच-पांच वाहन लेने वाले कांग्रेस के डॉ. राजेश कुमार गुप्ता और आजसू के मुनचुन राय हैं।

डिप्टी मेयर प्रत्याशियों के पास परमिशन वाले प्रचार वाहन
डिप्टी मेयर के 4 उम्मीदवारों को अपने पैरों पर भरोसा अब तक एक वाहन का भी नहीं लिया है परमिशन
रांची | डिप्टी मेयर पद के चार प्रत्याशी ऐसे हैं, जिन्हें प्रचार वाहनों की जगह अपने पैरों पर ज्यादा भरोसा है। इन उम्मीदवारों में आजम अहमद, इसरार उर्फ छोटू खान, लखपति कुमार साव और शाहिद ने अब तक एक वाहन की भी अनुमति नहीं ली है।

बातचीत में चारों ने बताया कि प्रचार के लाख टेक्नोलॉजी आ जाए, लेकिन घरों में जाकर वोटरों से मिलना काफी फायदेमंद है। वोटर ज्यादा कनेक्ट होते हैं। इसलिए डोर टू डोर अभियान चला रहे हैं। अहले सुबह वोटरों से मिलने निकल पड़ते हैं। इसके पीछे मकसद यह भी है कि कामकाजी महिला-पुरुष मतदाताओं के घर से निकलने से पहले ही संपर्क हो सके।

चर्चा यह भी : डिप्टी मेयर प्रत्याशियों द्वारा गाड़ियों का परमिशन नहीं लेने पर प्रशासन के डर की भी चर्चा है। प्रशासन आचार संहिता उल्लंघन मामले पर सख्ती बरत रहा है। मेयर-डिप्टी मेयर और पार्षद प्रत्याशियों को लगातार शो-कॉज किया जा रहा है। एफआईआर दर्ज कराई जा रही हैं। चुनाव प्रचार के बीच स्पष्टीकरण देने और केस का झंझट क्यों लिया जाए, इसलिए ये चारों प्रत्याशी फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं।

अफराेज आलम : 3 अशरफ खान : 7 उत्तम कुमार यादव : 3 भवन सिंह : 4 मुनचुन राय : 5 राजेश कुमार गुप्ता : 5 संजय कुमार पांडेय : 3 संजीव विजयवर्गीय : 6 अमरेंद्र कुमार : 2 अजीत लकड़ा : 1 गोपाल महतो : 3 निरंजना हेरेंज टोप्पो : 1 प्रवीण कुमार झा : 2 प्रेम कुमार सिंह : 1 रानी कुमारी : 4

जानिए परमिशन नहीं लेने वाले कैंडिडेट के तर्क
गाड़ी से प्रचार पर खर्च बढ़ेगा
अभी मेरा फोकस सिर्फ डोर-टू-डोर कैंपेन है। गाड़ी से प्रचार-प्रसार करेंगे तो खर्च बढ़ेगा। मेरी उतनी आर्थिक क्षमता भी नहीं है। -इसरार उर्फ छोटू खान

ध्वनि प्रदूषण बढ़ गया है
मेरा फोकस पॉकेट मीटिंग पर है। ध्वनि प्रदूषण बहुत ज्यादा बढ़ गया है। लाउडस्पीकर से बच रहा हूं। आखिरी वक्त में परमिशन लेंगे। -आजम अहमद

अंतिम समय में लूंगा अनुमति
गाड़ी, होर्डिंग-बैनर का रेट काफी बढ़ गया है। इसलिए जनसंपर्क कर रहा हूं। वैसे अंतिम समय में प्रचार वाहन का परमिशन लूंगा। -शाहिद

2-4 दिन पहले लेंगे परमिशन
डोर टू डोर जनसंपर्क कर रहा हूं। चुनाव के दो-चार दिन बचेंगे तो परमिशन लेकर दमदार तरीके से प्रचार अभियान में उतरूंगा। -लखपति साव

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