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20 मृतकों को मांडीगढ़ पंचायत ने किया जिंदा उनके नाम से मस्टररोल तक जारी करवा दिए

3 वर्ष पहले
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मांडीगढ़ ग्राम पंचायत में 20 मरे हुए लोगों को जिंदा कर दिया है। सुनकर आप चौंक गए ना लेकिन ये ग्राम पंचायत के अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों ने मनरेगा की राशि हड़पने के लिए ये कर दिखाया है। यहां ग्राम पंचायत ने 20 ऐसे लोगों के नाम प्रपत्र संख्या 6 में भरकर मस्टररोल जारी करवाए जो अब इस दुनिया में है ही नहीं। ताजूब की बात तो ये है कि आवेदनों की बिना कोई जांच किए मस्टररोल जारी भी कर दिए है। वार्डपंच लकमाराम जाट द्वारा की गई शिकायत पर संभागीय आयुक्त एवं कलेक्टर ने इसकी जांच करने के लिए मामला लोकायुक्त के पास भेज दिया है।

ज्ञातव्य है कि मनरेगा योजना अधिनियम के तहत श्रमिक को कार्य के लिए बाकायदा ग्राम पंचायत में उपस्थित होकर प्रपत्र संख्या 6 भरकर अनिवार्य रूप से आवेदन करना पड़ता है। उसके बाद सरपंच और ग्रुप सचिव एवं एलडीसी द्वारा कार्य के अनुसार श्रमिकों की डिमांड सूची पंचायत समिति में दी जाती है। जहां श्रमिकों के लिए मस्टररोल जारी किये जाते है। जिसका मुख्य कारण किसी प्रकार की इस योजना में कोई अनियमितताएं नहीं हो। उसके बावजूद ग्राम पंचायत मांडीगढ़ ने मृतक एवं दूसरी पंचायत के लोगों के नाम का आवेदन कर मस्टररोल जारी करवा दिये। जबकि श्रमिकों को ऑनलाइन भुगतान किया जाता है। हैरानी की बात तो यह है कि मांडीगढ़ पंचायत ने 20 मृतकों के नामों का मनरेगा योजना के तहत कार्य करने के लिए काम मांगते हुए आवेदन पत्र भरकर पंचायत समिति देसूरी में दे दिया। जहां पर भी इन आवेदनों की बिना किसी जांच कर मस्टररोल जारी कर दिये।

छह साल पहले गांव छोड़ा, पर मस्टररोल में नाम बोल रहा : घाणेराव निवासी राजमल पुत्र किस्तूरचन्द मांडीगढ़ से परिवार सहित 2012 में अपने पैतृक गांव घाणेराव आकर बस गए थे। इसके बावजूद उनका तथा उनके परिजनों के नाम मस्टररोल में बोल रहे है।

वार्डपंच की शिकायत पर लोकायुक्त के पास पहुंचा मामला

देसूरी. मांडीगढ़ गांव में इस तालाब के कार्य के लिए उठाथा मृतक श्रमिकों का मस्टररोल।

20 मृतकों के आवेदन कर पंचायत समिति देसूरी से मस्टररोल जारी करवाए

मांडीगढ़ पंचायत द्वारा 20 मृतक लोगों के आवेदन कर पंचायत समिति देसूरी मस्टररोल जारी करवा दिये। जिसमें मृतक झालाराम पुत्र खुमाराम राईका, चम्पालाल पुत्र तेजाजी, पन्नाराम पुत्र खुमाराम भील, जोगाराम पुत्र भलाराम जाट, जसाराम पुत्र रहींगराम जाट, भीमाराम पुत्र केसाराम मीणा, पवनी प|ि भीमाराम मीणा, मोहनलाल पुत्र पनाराम जाट, मानाराम पुत्र कलाराम मेघवाल, जगदीश कुमार रूपाराम मेघवाल, पुनाराम पुत्र खेताराम लोहार, पोमाराम पुत्र हतनाजी जाट राजपुरा, खेताराम पुत्र हिन्दुराम जाट राजपुरा, पानीदेवी प|ि देवाराम मेघवाल, रूपसिंह पुत्र लक्ष्मणसिंह, भैरूदास पुत्र लक्ष्मणदास, सेसूदेवी प|ि भेरूदास वैष्णव, जीवाराम पुत्र भैराराम लोहार, राधादेवी प|ि केसाराम मेघवाल, खेताराम पुत्र डुंगाराम मेघवाल एवं चम्पादेवी प|ि खेताराम के नाम दर्ज है जिनकी मौत हो चुकी है।

सभी दस्तावेज घाणेराव के नाम से है

मांडीगढ़ गांव छह वर्ष पहले छोड़ दिया था। राशन कार्ड और जोब कार्ड भी नया बना दिया। राशन कार्ड से नाम हटाकर घाणेराव में नया राशन कार्ड और जोब कार्ड बनाया हुआ है। फर्जी दस्तावेज तैयार कर मेरा नाम मस्टररोल में लिखा है जांच हो। राजमल किस्तूरचन्द लोहार, घाणेराव

मामले की जांच करने के लिए उच्चाधिकारियों से की शिकायत

मांडीगढ़ सरपंच और ग्रुप सचिव व एलडीसी मृतक श्रमिकों के फर्जी आवेदन कर मनरेगा योजना के तहत मस्टररोल उठा लिये है। मामला उजागर होने के बाद ग्रुप सचिव से दस्तावेज मांगे, मगर देने से इंकार कर दिया। जिसके बाद इस मामले की उच्च अधिकारियों से शिकायत की। लकमाराम जाट, वार्डपंच मांडीगढ़

घाणेराव में रहने वाले परिवारों के नाम भी मस्टररोल में

इतना ही घाणेराव में रहने वाले परिवारों के नाम भी मस्टररोल में दर्ज कर मस्टररोल जारी करवा दिये। वार्डपंच लकमाराम जाट द्वारा ग्राम पंचायत तथा देसूरी विकास अधिकारियों को शिकायत करने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई तो वह संभागीय आयुक्त व कलेक्टर के पास पहुंचा।

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