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10 माह पहले टूटे जेतपुरा सिंचाई बांध की मरम्मत नहीं हुई, 2 करोड़ के बजट की घोषणा की, पर मिला नहीं

3 वर्ष पहले
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जिले का सबसे बड़ा जेतपुरा सिंचाई बांध गत साल 23 जुलाई को भारी बारिश के दौरान पानी के तेज बहाव से बांध ऑवर फ्लो होकर रूपावटी खुर्द गांव की तरफ से टूट गया था। बांध के पानी की चपेट में आए खेतों को इससे काफी नुकसान हुआ था। इसके साथ गुजरात राज्य के धानेरा शहर को भी बड़े पैमाने पर हानि हुई थी। बांध टूटने के बाद जनप्रतिनिधियों ने वाहवाही लूटने के लिए दिन में दो-दो बार बांध का दौराकर किसानों को हुए नुकसान की भरपाई दिलवाने के लिए बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन जनप्रतिनिधियों का एक भी वादा आज तक पूरा नहीं हुआ है।

बांध के क्षतिग्रस्त हुए करीब दस माह होने के बाद भी मरम्मत के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है। इतना जरूर है कि ग्रामीणों की मांग के बाद स्थानीय विधायक ने विधानसभा सत्र के दौरान बांध की मरम्मत के लिए मांग रखी थी। जिसके बाद मंत्री ने बांध की मरम्मत के लिए दो करोड़ रुपए देने की सिर्फ घोषणा की थी, लेकिन बजट अभी तक नहीं मिला है। बांध टूटने के दौरान नदी का बहाव रूपावटी खुर्द गांव की तरफ बढ़ाता गया। रूपावटी खुर्द गांव से करीब पच्चास से सौ मीटर तक की दूरी पर नदी चल रही हैं। वर्तमान में नदी में पानी की आवक बंद हैं, लेकिन आगामी बारिश का मौसम नजदीक आ गया हैं। बारिश शुरू होते ही नदी में पानी की आवक शुरू हो जाएगी। नदी का पानी रूपावटी खुर्द गांव की तरफ चलेगा। नदी में पानी चलने के साथ रूपावटी खुर्द गांव की तरफ कटाव होगा और नदी का पानी गांव को चपेट में ले लेगा। समय रहते प्रशासन ने इसको लेकर कोई कदम नहीं उठाया गया तो रूपावटी खुर्द तबाह हो जाएगा।

ग्रामवासी अभी से भयभीत : गत साल भारी बारिश के दौरान अचानक जेतपुरा सिंचाई बांध रूपावटी खुर्द गांव की तरफ से टूट गया था। बांध टूटने के दौरान नदी का पानी रूपावटी खुर्द गांव की तरफ बढ़ने लगा था। उस दौरान नदी तेज वेग के साथ रूपावटी खुर्द गांव की तरफ बढ़ रही थी। तब ग्रामीणों ने अपने-अपने मकान खाली कर गांव के पास ही स्थिति विद्यालय परिसर में घरेलू सामान रखा गया था। बारिश का मौसम नजदीक आ गया हैं। सभी से ग्रामीणों में भय व्यप्त होने लगा हैं क्योंकि बांध की मरम्मत अभी तक नहीं हुई हैं।

बांध की दीवार क्षतिग्रस्त होने से अभी से गांव खाली करने की तैयारी कर रहे हैं ग्रामवासी

बडग़ांव. जेतपुरा नदी के किनारे पर आया हुआ रूपावटी खुर्द गांव।

मरम्मत के लिए घोषणा तो होगी, लेकिन अभी स्वीकृति का इंतजार

जेतपुरा सिंचाई बांध की मरम्मत के लिए विधानसभा सत्र के दौरान विधायक ने मांग रखी थी। विधायक की मांग पर मंत्री ने दो करोड़ की घोषणा तो कर दी, लेकिन घोषणा के बाद अभी तक बजट स्वीकृत नहीं हुआ हैं। बारिश का मौसम भी नजदीक है, लेकिन बांध के मरम्मत के लिए बजट की स्वीकृति के लिए फाईल दफ्तरों में इधर-उधर घूम रही हैं।

साहब, बांध की मरम्मत कब होगी मरम्मत

बांध टूटे करीब दस माह हो चुके हैं, लेकिन अभी तक मरम्मत नहीं हुई हैं। बांध की मरम्मत के लिए कई बार सांसद व विधायक को अवगत करा चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही हैं। बारिश शुरू होते ही हमारे गांव को खतरा हैं। क्योंकि नदी का बहाव गांव की तरफ बढ़ रहा हैं। जिससे गांव नदी के पानी की चपेट में कभी भी आ सकता हैं। गांव से नदी की दूरी महज 50 मीटर ही हैं। बारिश के मौसम में गांव को खतरा हैं। - नारायणदान व कालूदान चारण, ग्रामवासी

बारिश शुरू होते ही बंद हो जाएगा रानीवाड़ा-मण्डार हाईवे

गत साल जेतपुरा बांध टूटने से करीब आधा किमी सड़क पानी के बहाव से बह गई थी। जिससे करीब पंद्रह दिन तक रानीवाड़ा-मण्डार मार्ग पर वाहनों का आवागमन बंद रहा हैं। बाद में नदी में पानी का बहाव कम होने के बाद सार्वजनिक निर्माण विभाग के पाईप डालकर झीकरे से विकल्पित रास्ता बनाकर वाहनों का आवागमन शुरू किया गया। वर्तमान में इस रास्ते में पर वाहनों का आवागमन होता हैं। बारिश शुरू होते ही नदी में पानी की आवक शुरू हो जाएगी। इसके साथ ही रानीवाड़ा-मण्डार पर वाहनों का आवागमन बंद हो जाएगा। बारिश के मौसम में सिरोही जिले व गुजरात राज्य का संपर्क कभी भी कट सकता है।

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