84.68 करोड़ वाले अन्नराज जलाशय से 42 गांवों को मिलेगी सिंचाई की सुविधा
अन्नराज जलाशय योजना के मुख्य नहर एवं वितरण प्रणाली का पुनरुद्धार, संरचनाओं का मरम्मति एवं पक्कीकरण कार्य का ऑन लाइन शिलान्यास प्रदेश के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने किया। इसके बाद 84 करोड़ 68 लाख की लागत से निर्मित होने वाले योजना का गढ़वा विधायक सत्येन्द्र नाथ तिवारी ने सदर प्रखंड के अन्नराज नावाडीह स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय के निकट नारियल फोड़कर शिलान्यास किया। अन्नराज डैम का निर्माण वर्ष 1985-86 में किया गया था। तब से नहर की स्थिति की जीर्ण-जीर्ण स्थिति में पड़ा हुआ था। ऑन लाईन शिलान्यास के मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंचाई के क्षेत्र में हम पीछे हैं। सिंचाई व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए लगातार सरकार प्रयास कर रही है। राज्य में आनेवाले समय में 33 अन्य सिंचाई योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की जाएगी। 22 योजनाओं को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। 414 करोड़ की लागत से पूर्ण होने वाले सिंचाई योजनाओं से राज्य के 23520 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगा। जिसका लाभ किसानों को मिलेगा। साथ ही लघु सिंचाई विभाग से वर्ष 2018-19 में सैकड़ों चेकडैम बनाए जाएंगे। इस मौके पर विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी ने कहा कि सरकार किसानों को सिंचाई सुविधा मुहैया कराने को लेकर काफी गंभीर है। अन्नराज डैम का जीर्णोद्धार, आधुनिकीकरण तथा विस्तारीकरण को लेकर विधान सभा में सात बार आवाज उठाने का काम किया है। जिसका नतीजा है कि मुख्यमंत्री ने स्वीकृति प्रदान करते हुए आज शिलान्यास करने काम किया है। इस अवसर पर जिला परिषद अध्यक्ष विकास कुमार, उपाध्यक्ष रेखा देवी, उप विकास आयुक्त चंद्र मोहन कश्यप, भाजपा नेता विवेकानंद तिवारी, पप्पू तिवारी, संजय तिवारी जल पथ प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता मिथिलेश कुमार सिंह आदि उपस्थित थे।
अन्नराज डैम का निर्माण वर्ष 1985-86 में किया गया था, तब से नहर की स्थिति जीर्ण-शीर्ण थी
ऑन लाइन शिलान्यास के बाद नारियल फोड़ते विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी।
विधायक बोले संवेदक की करतूतों से सीएम को कराएंगे अवगत
शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी ने संवेदक के प्रति नाराजगी जताते हुए कहा कि संवेदक द्वारा किसी भी कार्य को पूर्ण नहीं किया जाता है। संवेदक की मंशा कार्य पूर्ण करना नहीं बल्कि मोबलाइजेशन एडवांस लेने की रही है। उन्होंने कहा कि इस संवेदक को पड़ोसी राज्य बिहार में ब्लैकलिस्टेड किया जा चुका है। मगर संवेदक द्वारा निविदा में साक्ष्य को छुपा कर गलत तरीके से निविदा आवंटित कराने का काम किया है। मुख्यमंत्री को संवेदक के कार्य प्रणाली से अवगत कराने के साथ विधानसभा सत्र में भी आवाज उठाएंगे। विधायक ने कहा कि गढ़वा-रंका विधान सभा क्षेत्र में क्रियान्वित योजनाओं की देख रेख के लिए कमेटी बनाई जाएगी, ताकि योजनाओं को ससमय व गुणवत्तापूर्ण तरीके से धरातल पर उतारा जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि गढ़वा-शाहपुर सड़क निर्माण के संवेदक द्वारा भी ऐसा ही किया गया है। मोबलाइजेशन का एडवांस लेकर संवेदक फरार हो गया।
42 गांव होंगे सिंचित
इस योजना को पूर्ण होने से जिले के 42 गांव में 4632 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। जल संसाधन विभाग के सर्वे के अनुसार वर्षों से इस योजना का रख रखाव व मरम्मति का कार्य नहीं होने से जर्जर स्थिति में पहुंच गई है। डैम के सभी विवरणियों तथा उप वितरणियों की संरचनाएं क्षतिग्रस्त है। जिससे योजना का लाभ कृषकों को नहीं मिल पा रहा है।