कैंडल मार्च में दुष्कर्म का दर्द
जयपुर | कठुआ, उन्नाव सहित देश में हुई दुष्कर्म की अन्य घटनाओंं के विरोध में रविवार शाम शहर की सड़कों पर हर समुदाय की महिलाएं, बच्चे व अन्य लोग उतरे। उन्होंने तख्तियों पर अपराधियों को सजा की गुहार की और दुष्कर्म की घटनाओं पर आक्रोश जताया। राजस्थान मुस्लिम परिषद ने विद्याधर नगर में कैंडल मार्च निकाला और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजकर संविधान में संशोधन कर दुष्कर्म की न्यूनतम सजा फांसी किए जाने की मांग की। प्रदेश महासचिव आसिफ शाह के नेतृत्व में साबिर नागौरी, जावेद खान, मुबारक, आदिल खान, शेर मोहम्मद, अबुल रहमान ने राष्ट्रपति के नाम भेजा जिसमें बर्बरता के आरोपियों को अमानवीय यातनाएं देने, मानवीयता के आड़ में छूट न मिलने, आरोपियों के समर्थकों को सजा दिए जाने, वकीलों का रजिस्ट्रेशन निरस्त करने, समर्थक जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों को कड़ी सजा देने और केस का फैसला 90 दिन में करने की मांग की।
उधर विभिन्न समुदायों के करीब 1000 लोगों ने अमर जवान ज्योति पर कैंडल मार्च किया और फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन की मांग की गई। इस मौके पर नईम रब्बानी, शौकत कुरैशी, सवाई सिंह, नाजिमुद्दीन, यासमीन फारूकी, स्वामी कौशलयानंद सरस्वती, अब्दुल लतीफ आरको सहित कई प्रबुद्ध लोगों ने हिंदू मुस्लिम एकता पर जोर दिया और नौजवानों से महिलाओं का सम्मान करने की अपील की। मुस्लिम डवलपमेंट संस्था की ओर से अध्यक्ष रशीद के नेतृत्व में शहीद स्मारक पर कैंडल मार्च निकाला गया।