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पुलिया नहीं होने से हर बारिश में बड़ौद-उंधरथल गांव का एक-दूसरे से कट जाता है संपर्क, ग्रामीण परेशान

3 वर्ष पहले
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सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा बड़ौद से उंधरथल गांव तक प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत डामरीकरण सड़क का निर्माण कर दिया। मगर स्वीकृति के अभाव में पुलिया का निर्माण नहीं होने से बरसात के मौसम में दोनों गांवों के ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। बरसात के मौसम में इन दोनों बरसाती नालों में पानी की आवक अधिक होती है। ऐसे में कई बार दोनों गांवों का संपर्क बरसात के मौसम में टूट जाता है। उल्लेखनीय है कि पंचायत समिति देसूरी की पंचायत बड़ौद के अधीन गांव उंधरथल की दूरी 3 किमी है। इस मार्ग पर दो बरसाती नाले स्थित है। ऐसे में बरसात के मौसम में नालों में पानी की आवक अधिक होने के कारण कई ग्रामीणों को पानी के कम होने का इंतजार करना पड़ता है। दोनों बरसाती नालों में रपट व पुलिया नहीं है। ऐसे में बरसात के मौसम में दोनों गांव के ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों की मांग पर प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा डामरीकरण सड़क के निर्माण को लेकर प्रारूप तैयार कर स्वीकृति के लिए प्रस्ताव भेजा था। जिसके तहत बड़ौद से उंधरथल गांव तक डामरीकरण सड़क की स्वीकृति तो जारी हो गई। मगर विभाग ने दोनों पुलिया के लिए कोई स्वीकृति नहीं दी। जिसके बाद विभाग द्वारा डामरीकरण सड़क का निर्माण तो कर दिया, मगर पुलिया का निर्माण नहीं होने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जबकि सड़क निर्माण के साथ अगर पुलिया एवं रपट का भी निर्माण हो जाता तो इस समस्या से दोनों गांवों के ग्रामीणों को राहत मिल जाती। मगर स्वीकृति के अभाव में पुलियों का निर्माण नहीं होने से ग्रामीणों को बरसात के मौसम में परेशानी का सामना करना पड़ेगा। ग्राम पंचायत ने इन बरसाती नालों में पुलिया निर्माण को लेकर मनरेगा योजना के तहत प्रस्ताव बनाकर स्वीकृति के लिए भेजा गया है। मगर अभी तक इन पुलियों के निर्माण को लेकर स्वीकृति जारी नहीं हुई है। ऐसे में इन बरसाती नालों पर बरसात के पहले पुलियों का निर्माण हो जाता है तो दोनों गांवों के ग्रामीणों को बरसात के मौसम में किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होगी।

बरसात के मौसम में दोनों नालों में पानी की आवक रहती है अधिक

देसूरी | बड़ौद उंदरथल सड़क मार्ग पर स्थित बरसाती नाला।

तीन किलोमीटर की दूरी में दो बरसाती नाले

बड़ौद पंचायत मुख्यालय है। यहां से उंधरथल गांव की दूरी तीन किमी है। जिस पर सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा डामरीकरण सड़क का निर्माण किया गया है। इसी दूरी में दो बरसाती नाले मौजूद है, जिसमें एक नाले की चौड़ाई अधिक है। ऐसे में बरसात के मौसम में सबसे अधिक पानी की आवक इसी नाले में होती है।

भास्कर न्यूज | देसूरी

सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा बड़ौद से उंधरथल गांव तक प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत डामरीकरण सड़क का निर्माण कर दिया। मगर स्वीकृति के अभाव में पुलिया का निर्माण नहीं होने से बरसात के मौसम में दोनों गांवों के ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। बरसात के मौसम में इन दोनों बरसाती नालों में पानी की आवक अधिक होती है। ऐसे में कई बार दोनों गांवों का संपर्क बरसात के मौसम में टूट जाता है। उल्लेखनीय है कि पंचायत समिति देसूरी की पंचायत बड़ौद के अधीन गांव उंधरथल की दूरी 3 किमी है। इस मार्ग पर दो बरसाती नाले स्थित है। ऐसे में बरसात के मौसम में नालों में पानी की आवक अधिक होने के कारण कई ग्रामीणों को पानी के कम होने का इंतजार करना पड़ता है। दोनों बरसाती नालों में रपट व पुलिया नहीं है। ऐसे में बरसात के मौसम में दोनों गांव के ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों की मांग पर प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा डामरीकरण सड़क के निर्माण को लेकर प्रारूप तैयार कर स्वीकृति के लिए प्रस्ताव भेजा था। जिसके तहत बड़ौद से उंधरथल गांव तक डामरीकरण सड़क की स्वीकृति तो जारी हो गई। मगर विभाग ने दोनों पुलिया के लिए कोई स्वीकृति नहीं दी। जिसके बाद विभाग द्वारा डामरीकरण सड़क का निर्माण तो कर दिया, मगर पुलिया का निर्माण नहीं होने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जबकि सड़क निर्माण के साथ अगर पुलिया एवं रपट का भी निर्माण हो जाता तो इस समस्या से दोनों गांवों के ग्रामीणों को राहत मिल जाती। मगर स्वीकृति के अभाव में पुलियों का निर्माण नहीं होने से ग्रामीणों को बरसात के मौसम में परेशानी का सामना करना पड़ेगा। ग्राम पंचायत ने इन बरसाती नालों में पुलिया निर्माण को लेकर मनरेगा योजना के तहत प्रस्ताव बनाकर स्वीकृति के लिए भेजा गया है। मगर अभी तक इन पुलियों के निर्माण को लेकर स्वीकृति जारी नहीं हुई है। ऐसे में इन बरसाती नालों पर बरसात के पहले पुलियों का निर्माण हो जाता है तो दोनों गांवों के ग्रामीणों को बरसात के मौसम में किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होगी।

तीन किलोमीटर हो चुका डामरीकरण सड़क का निर्माण

बड़ौद से उंधरथल गांव की दूरी 3 किमी है और इस दूरी के बीच दो बरसाती नाले मौजूद है। बड़ौद से उंधरथल गांव तक तीन किमी प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत विभाग द्वारा डामरीकरण सड़क का निर्माण हो चुका है।

बरसाती नालों पर पुलिया का निर्माण होना चाहिए

बड़ौद-उंधरथल गांव के बीच दो बरसाती नाले मौजूद है, जिन पर पुलिया का निर्माण नहीं होने से दोनों गांवों के ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों की इस समस्या को ध्यान मेें रखकर दोनों बरसाती नालों पर पुलियों का निर्माण होना चाहिए। -प्रियंका देवेंद्र चारण, सरपंच, बड़ौद

मनरेगा योजना के तहत स्वीकृति के लिए प्रस्ताव भेज रखा है

बड़ौद-उंधरथल गांव के बीच मौजूद बरसाती नालों पर पुलिया के निर्माण को लेकर मनरेगा योजना के तहत प्रस्ताव स्वीकृति के लिए भेजे गए हैं। स्वीकृति जारी होते ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। -कस्तूरचंद सुथार, सहायक अभियंता, सार्वजनिक निर्माण विभाग, देसूरी

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