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नोवार्टिस मलेरिया की नई दवा की रिसर्च पर 650 करोड़ रु. खर्च करेगी

3 वर्ष पहले
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स्विस फार्मा कंपनी नोवार्टिस मलेरिया की नई दवा के रिसर्च पर अगले पांच साल में 10 करोड़ डॉलर (650 करोड़ रुपए) खर्च करेगी। मच्छर के काटने से होने वाले इस रोग से दुनिया में सबसे अधिक मौतें होती है। 2016 में मलेरिया से दुनिया में 4.45 लाख लोगों को जान गंवानी पड़ी थी। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (डब्ल्यूटीओ) के मुताबिक 2016 में इस रोग के 21.6 करोड़ मामले सामने आए थे। यह इससे पिछले साल की तुलना में 50 लाख अधिक है। 2015 में मलेरिया के 21.1 करोड़ मामले सामने आए थे।

नोवार्टिस का यह बयान ऐसे समय आया है जब सेनेगल ने इसी हफ्ते मलेरिया के खिलाफ लड़ाई को लेकर अफ्रीकी देशों की कॉन्फ्रेंस आयोजित की है। नोवार्टिस के सीईओ वास नरसिम्हन ने कहा कि वर्ष 2000 से 2015 के बीच मलेरिया के कारण होने वाली मौतों की संख्या में 60% से ज्यादा की गिरावट आई है। लेकिन उपलब्ध दवाओं के प्रति मच्छरों में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ने से जोखिम यह है कि मलेरिया रोग के इलाज में पिछले 20 साल में जो प्रगति हुई है आगे उसकी रफ्तार मंद पड़ सकती है। हम इंतजार नहीं कर सकते। इसलिए हमने अगली पीढ़ी के उपचार पर अनुसंधान और विकास (आरएंडडी) करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

2016 में दुनिया में हुई 4.45 लाख मौतों में से करीब 90 फीसदी मौतें सब-सहारन अफ्रीका में हुई थी। लेकिन दक्षिण एशिया, पूर्वी भूमध्यसागर, पश्चिमी प्रशांत और अमेरिका में लोगों में भी मलेरिया का जोखिम बताया गया है। अफ्रीकी देशों में नोवार्टिस की दवाओं की कीमतों में भारी अंतर है। इससे निपटने के लिए कंपनी ने कहा है कि कीमतों में समानता लाने के लिए रणनीति तय करेगी। इसके अलावा नोवार्टिस ने यह भी कहा है कि वह बच्चों में मलेरिया के इलाज की पहुंच बढ़ाने में मदद और बढ़ाएगी।

मलेरिया के आंकड़ों पर एक नजर

2015 2016

मामले 21.1 करोड़ 21.6 करोड़

मौतें 4.38 लाख 4.45 लाख

पांच साल से कम उम्र के बच्चों को मलेरिया को जोखिम अधिक है।

दुनिया में मलेरिया हर दो मिनट में एक एक बच्चे की जान ले लेता है।

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