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24 साल पहले रवांडा में राष्ट्रपति की मौत के बाद नरसंहार में 10 हजार लोग मारे गए थे

3 वर्ष पहले
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1994 में आज ही के दिन रवांडा की राजधानी किगाली में नस्ली हिंसा शुरू हुई थी। इस हिंसा की पृष्ठभूमि छह अप्रैल को रवांडा के राष्ट्रपति की विमान दुर्घटना में मौत से जुड़ी हुई थी। हिंसा में 10 हजार लोगों की मौत हुई थी। अधिकारियों के अनुसार हुतु कबीले के सैनिक सड़कों पर तुत्सी कबीले के आम लोगों को खोज-खोजकर कुल्हाडी़ से मार रहे थे। इंटरनेशनल कमेटी फॉर रेड क्रास के अनुसार लाखों की संख्या में रवांडा निवासियों घर छोड़कर जान बचाने के लिए दूसरी जगहों पर भाग गए थे, क्योंकि करीब चार हजार तुत्सी विद्रोही राजधानी में घुस आए थे। तुत्सी विद्रोही और हुतु सैनिकों के बीच कत्लेआम में करीब 7 दिन चलता रहा था। संयुक्त राष्ट्र के बताया-उस साल 8 लाख लोगों को बर्बरता से मार डाला गया था।


24 साल पहले रवांडा में राष्ट्रपति की मौत के बाद नरसंहार में 10 हजार लोग मारे गए थे

खास  रवांडा नरसंहार पर 2011 को फ्रैंकफर्ट के हाईकोर्ट में वनस्फोरे आर. के खिलाफ केस शुरू हुआ। दो साल में 99 गवाह पेश हुए, पर कोर्ट फैसला नहीं दे सका।

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