सीएम के आदेश की पालना में 20 मंत्री फेल, 14 ने नहीं उठाए फोन
डूंगरसिंह राजपुरोहित/सौरभ भट्ट | जयपुर
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने प्रदेश के दौरों के समय जनता से मिले मंत्रियों-विधायकों के फीडबैक के बाद सभी मंत्रियों और विधायकों के सरकारी मोबाइल नंबरों पर सरकार की तरफ से संदेश भिजवाए कि वे जनता का फोन खुद अटेंड करेंगे। उनके पीए या अन्य पारिवारिक व्यक्ति सरकारी फोन को अटेंड नहीं करेंगे। किसी हालात में फोन अटेंड नहीं कर पाएं तो मंत्री खुद पलट कर फोन करेंगे। इस आदेश की चार दिन बाद ही पालना में 20 मंत्री और सात संसदीय सचिव फैल हो गए। भास्कर ने 29 मंत्रियों, 10 संसदीय सचिवों और कुछ विधायकों को जनता का प्रतिनिधि बनकर अनजाने नंबरों से तीन-तीन बार फोन किए। सामने आया कि 29 में से 9 मंत्री ऐसे रहे, जिन्होंने खुद फोन अटेंड किए। सीएम के आदेश के बावजूद 6 के पीए या पीएसओ ने बात की।
12 ने तीन चार बार फोन करने के बाद भी फोन अटेंड नहीं किया। भास्कर ने 5 घंटे इंतजार किया, लेकिन उद्योग मंत्री राजपालसिंह शेखावत और संसदीय सचिव सुरेश रावत के अलावा किसी ने पलट कर फोन नहीं किया।
इन मंत्रियों पर आदेश का असर नहीं, अन्य व्यक्तियों ने उठाए फोन
शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी के पीएसओ जीतेंद्र ने फोन उठाया और कहा मंत्री किसी के साथ बैठे हैं। गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया के किसी पीएसओ ने फोन उठाया लेकिन कुछ भी बोले नहीं। तीन बार किसी ने नहीं उठाया, लेकिन चौथी बार फोन पीएसओ ने उठाया तो भाषणों की आवाजें आ रही थी। कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी का फोन उठाने वाले व्यक्ति ने अपना नाम राधेश्याम बताया। सामान्य प्रशासन मंत्री हेम सिंह भड़ाना का फोन उनके पीएसओ के पास था। उद्योग मंत्री जसवंत यादव का फोन भी उनके पीएसओ ने उठाया। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अरुण चतुर्वेदी का फोन भी उनके पर्सनल स्टाप ने उठाया। संसदीय सचिव जीतेंद्र गोठवाल के पीए ने फोन उठाया और कहा मैं बात करवाता हूं। फिर गोठवाल ने बात की। संसदीय सचिव डॉ. विश्वनाथ के पीए रवीश ने फोन उठाया और कहा वे किसी व्यक्ति के साथ व्यस्त है।