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जहां तहसीलदार व एसडीएम पर हमले, सरकारी अमला भी जाने से डरता, वहां पहुंचा भास्कर, रोज 2 लाख की रॉयल्टी चोरी व अवैध खनन

3 वर्ष पहले
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नागौर जिले के पादू कलां और डेगाना में हरसौर से लेकर आछोजाई....। यहां न पुलिस का राज है, न ही प्रशासन का, बस है तो सिर्फ माफिया राज..। अवैध बारूद से पहाड़ियों को उड़ा अवैध खनन किया जा रहा है। यहां से पत्थर निकालने के बाद अवैध रूप से रॉयल्टी वसूली का खेल चल रहा है।

रॉयल्टी ठेकेदार के नाम पर कथित माफिया के लोग सादे कागज पर पर्ची काट हर ट्रैक्टर चालक से 200 रुपए ले गारंटी देते हैं कि उन्हें पैसा दे दो, आगे कोई नहीं रोकेगा। न पुलिस और न ही प्रशासनिक अधिकारी। दावा यह भी कि कोई भी रोके तो उनके आदमी के मोबाइल नंबर पर बात करवा देना। पत्थरों पर रॉयल्टी की दरें सरकार ने तय कर रखी है। लेकिन वसूली माफियाराज करता है। इस खेल की हकीकत जानने के लिए भास्कर रिपोर्टर खुद ट्रैक्टर चालक बनकर डेगाना के आछोजाई गांव पहुंचा। लगातार 29 दिन तक इस क्षेत्र में रहकर सबूत जुटाए। जहां पत्थरों का खनन होता है। वहां दो पहाड़ हैं। इनमें से एक पर अवैध तरीके से खनन होता है। ट्रैक्टर में पत्थर भरने के बाद मौजूद रॉयल्टी कर्मचारियों ने सादे कागज पर ट्रैक्टर चालक का नाम लिखा। उन्होंने उससे 200 रुपए लिए और रवाना कर दिया। रिपोर्टर ने रास्ते में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा कार्रवाई करने की बात पूछी तो बोले- यहां 200 रुपए की पर्ची कटाने के बाद थानेदार और एसडीएम भी आपको नहीं रोकेंगे। कोई रोके तो यह पर्ची दिखा देना। रॉयल्टी व खनन माफिया की हकीकत की परते उधेड़ती यह रिपोर्ट:-

गजेन्द्र घटियाला

पादूकलां

ग्राउंड रिपोर्ट

खत्म हो रहे पहाड़ : आछोजाई में खनन पट्‌टा नहीं, यहां बारूद भी अवैध ला करते हैं विस्फोट

पूछताछ करते ही सीधे मारपीट

रॉयल्टी माफिया का आंतक इतना है कि कोई भी ट्रैक्टर चालक इनके आदमियों के खिलाफ आवाज नहीं उठाता है।

ट्रैक्टर चालकों का कहना है कि यदि कोई इसका विरोध करता है तो रॉयल्टी ठेकेदार के आदमी मारपीट करते हैं। इसलिए कोई भी उनके खिलाफ मुंह नहीं खोलता है। पुलिस में भी इनके खिलाफ मामला तक दर्ज नहीं किया जाता है।

पहले हमले कराए, अब अधिकारियों से मिल करते हैं रॉयल्टी चोरी व अवैध खनन

डेढ़ साल पहले हरसौर में डेगाना एसडीएम रविंद्र कुमार पर हमला हुआ। 1 माह पहले रियां में तहसीलदार पर बजरी माफिया ने हमला कर कुचलने की कोशिश की। 2 कार्मिकों को घायल भी किया। अब आछोजाई, हरसौर में कोई अधिकारी नहीं जाते। जो चालक माफिया की पर्ची नहीं लेता तो अधिकारियों को कह उसका ट्रैक्टर जब्त करा दिया जाता है।

हालात ऐसे

आछोजाई, डेगाना में अवैध माइनिंग हो रही है, रॉयल्टी चोरी भी हो रही, क्या आपको पता है?

सहा. अभियंता उत्तम सिंह ने 29 मार्च को कहा सबूत भेजो, रिपोर्टर ने तत्काल वाटसएप पर सबूत भेजे। वे बोले कल जाऊंगा, अब तक नहीं आए।

रिपोर्टर ने ग्रामीणों से पूछा, यहां कभी खनि विभाग के अधिकारी या पुलिस आती है?

लोगों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया, जब भी अधिकारी आए तो हमला हुआ, उन्हें भागना पड़ा, इसलिए कोई नहीं आता।

माफिया राज: आंध्र प्रदेश के फर्जी नं. दे खुले आम रॉयल्टी चोरी

पत्थर चोरी की लाइव तस्वीरें : आछोजाई की खदान, यहां कोई पहुंचे तो हमला तय

सहा. अभियंता को 29 मार्च को सबूत दिए, आज तक नहीं गए

ये जिम्मेदार, कार्रवाई नहीं कर पाए

हमारी जानकारी में आज तक इस तरह का एक भी मामला सामने नहीं आया है। ऐसा है तो नियमानुसार कार्रवाई करेंगे। -उत्तमसिंह, सहायक अभियंता, खनि विभाग

छापामार कार्रवाई करेंगे

हमारी जानकारी में ऐसा कोई मामला नहीं है। यदि ऐसा है तो आैचक छापामारी की कार्रवाई करेंगे। रॉयलटी चोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सोहन लाल रैगर, एमई, खनि विभाग

कोई नहीं रोक सकता : डेढ़ साल पहले एसडीएम रविंद्र हरसौर गए हमला हुआ उसके बाद कोई नहीं जाता।

यह पर्ची, बता रही पूरा फर्जीवाड़ा

सांठगांठ का खेल

दावा: बस पर्ची लो, कोई कुछ नहीं करेगा

रिपोर्टर ने कथित रॉयल्टी नाकेदार से पुलिस व अधिकारियों की कार्रवाई की बात पूछी।

जवाब मिला- हमारे ठेकेदार जयपुर में रहते हैं। पुलिस, अधिकारियों तक सबसे उनकी अच्छी बनती है। कोई कुछ नहीं बोलेगा। यह नंबर 96******36 पर बात करा देना।(जबकि यह नं. फर्जी, आंध्र प्रदेश के किसी व्यक्ति के नाम का है)

खनन इलाके में लगे बोर्ड के अनुसार, अभी रॉयल्टी वसूली ठेका सर्वश्री गैलेक्सी माइनिंग एंड रॉयल्टी फर्म के पास है।

कार्यालय जयपुर में है।

हमला हुआ था, 5 लोगों का चालान हुआ

मुझ पर हमला करने वाले 5 आरोपियों के चालान हो चुके। रविंद्र कुमार, एसडीएम

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