भास्कर न्यूज | देसूरी/ सादड़ी
माता महाकाली मंदिर सादड़ी का पिछले दो वर्षों से भंडार नही खोला गया। इसको लेकर माता महाकाली सेवा समिति द्वारा भंडार खोल कर उसकी राशि को बैंक में जमा करने का निर्णय बैठक में लिया गया। जिसका पुजारियों ने जमकर विरोध किया। इसके बाद विवाद बढ़ता देख सेवा समिति के पदाधिकारियों ने सोमवार को देसूरी एसडीएम को ज्ञापन देकर पुलिस की उपस्थिति में मंदिर का भंडार खोलने की मांग की गई। उल्लेखनीय है कि सादड़ी कस्बे में माता महाकाली एवं महादेव मठ मंदिर आए हुए हैं,जिनकी सुरक्षा व विकास को लेकर माता महाकाली सेवा समिति का वर्ष 2012-13 में घांची, चौधरी, जाट समाज के समुदाय द्वारा सोसायटी अधिनियम में रजिस्टर्ड किया गया है। तीनों जातियों के समुदाय के नाम से पुश्तैनी खातेदारी चक प्रथम खसरा संख्या 2273 रकबा 0.02 हेक्टयेर में निजी माताजी का मंदिर आया हुआ है।
सीसीटीवी लगाने का जताया था विरोध : 18 मई को मंदिर प्रांगण में बने सभा भवन में तीनों समाज के लोगों की आम बैठक आयोजित की गई। जिसमें अध्यक्ष किशोर भाटी ने प्रस्ताव रखा कि मंदिर में हुई चोरी का राज आज दिन नहीं खुल पाया है। मंदिरों में बढ़ती चोरी काे ध्यान में रखकर सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग की। जिसका उपस्थित पुजारियों ने विरोध किया। बैठक में समिति के पदाधिकारियों ने उपस्थित तीनों समाज के लोगों को बताया कि मंदिर का भंडार 2016 में नोटबंदी के दौरान खोला गया था। उसके बाद आज दिन तक मंदिर का भंडार नहीं खोला गया है। ऐसे में मंदिर का भंडार खोलकर राशि को बैंक में जमा करवाई जाए। बैठक में उपस्थित पुजारियों ने इसका विरोध किया। पुजारियों के विरोध करने के बावजूद अध्यक्ष और प्रबंधक समिति सदस्य भंडारे की चाबी लेकर खोलने गए तो पुजारियों ने उनका रास्ता रोक दिया। उसके बाद पुजारियों और उपस्थित सेवा समिति सदस्यों के बीच नोक-झोंक की स्थिति पैदा हो गई। ऐसे में विवाद बढ़ता देखकर माता महाकाली सेवा समिति के पदाधिकारियों व सदस्यों ने ग्रामीणों व पुलिस की उपस्थिति में मंदिर का भंडार खोलने का सर्वसम्मति से प्रस्ताव लिया।
सेवा समिति देसूरी ने एसडीएम से पुलिस की उपस्थिति में भंडारा खोलने की मांग उठाई
देसूरी. पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में भंडारा खोलने को लेकर सौंपा ज्ञापन।
पुलिस की उपस्थिति में भंडारा खोलने की मांग
सोमवार को माता महाकाली सेवा समिति के अध्यक्ष किशोर भाटी के सानिध्य में सदस्य व ग्रामीण देसूरी पहुंचे। उन्होंने देसूरी एसडीएम के नाम तहसीलदार को ज्ञापन देकर मंदिर का भंडार पुलिस की उपस्थिति में खोलने की मांग की, जिस पर कार्रवाई करने का तहसीलदार ने आश्वासन दिया। इस दौरान माता महाकाली सेवा समिति के पदाधिकारी व ग्रामीण उपस्थित थे।