पाकिस्तान से भारत आए विस्थापितों से वसूली मामले में गृह मंत्रालय का सीनियर सेक्रेट्रेट असिस्टेंट (एसएसए) पंकज कुमार मिश्रा और तीन दलाल गिरफ्तार किए गए हैं। एसीबी ने इन्हें पाल बाईपास स्थित कस्तूरी आर्चिड होटल में दलालों से पैसा लेते हुए गिरफ्तार किया। यह राशि विस्थापितों को लांग टर्म वीजा दिलाने, वीजा ट्रांसफर करने तथा नागरिकता में मदद करने के बदले में वसूली जा रही थी। तीन स्थानीय दलालों में अशोक, भगवानाराम व गोविंद शामिल है। चौंकाने वाली बात यह है कि दिन में यह अफसर हाईकोर्ट में पाक विस्थापितों के हक की बात करता था और रात को होटल में उन्हीं से अपने दलालों के जरिये रकम वसूलता था। शेष | पेज 6 पर
बता दें कि दैनिक भास्कर में विस्थापितों के संबंध में प्रकाशित खबरों को जनहित याचिका मान कर हाईकोर्ट लगातार सुनवाई कर रहा है। गृह मंत्रालय का एसएसए मिश्रा केंद्र सरकार का पक्ष रखने के लिए दिल्ली से जोधपुर आता था। वह शुक्रवार को होने वाली सुनवाई के लिए गुरुवार रात ही पहुंच गया था और रात को राशि वसूल रहा था।
दिन में विस्थापितों के हक की बात, नागरिकता के लिए रात में वसूली
एसीबी की कस्टडी में हाईकोर्ट में पेश होने जाते पीके मिश्रा।
जयपुर तक नेक्सस
एसीबी के एसपी अजयपाल लांबा ने बताया कि एसीबी की जयपुर स्थित इंटेलीजेंस विंग को पाक विस्थापितों से वसूली की सूचना मिली थी। इसके बाद मिश्रा को सर्विलांस पर ले लिया गया। शुक्रवार को होटल में उसे दलालों से पैसा लेते हुए पकड़ लिया गया।
पूछताछ में मिश्रा ने खुलासा किया कि उसका नेक्सस जोधपुर ही नहीं, जयपुर में भी बना हुआ है। उसके खिलाफ रिश्वत लेने का केस दर्ज किया गया है।
दलाल भी विस्थापित थे, अब भारत के नागरिक हैं
नेहरू नगर व डाली बाई मंदिर के पास रहने वाला तीनों दलाल अशोक, भगवानाराम व गोविंद भी बरसाें पहले भारत आ गए थे और यहां की नागरिकता ले ली थी। इन लोगों को यह पता था कि कौन विस्थापित पैसा दे सकता है। उनके नाम वे मिश्रा को बताते थे ताकि उनकी फाइलें राेक कर पैसा लिया जा सके। अशोक व गोविंद कोर्ट में टाइपिस्ट का काम करते हैं तथा भगवानाराम की कपड़े की दुकान है। एसीबी ने दिन में अशोक की दुकान की भी तलाशी ली, वहां 200 विस्थापितों के पासपोर्ट व वीजा दस्तावेज बरामद हुए हैं।