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अक्षय तृतीया पर सामूहिक विवाह में 188 जोडे़ शादी के बंधन में बंधे, 20 हजार लोग बने साक्षी
अक्षय तृतीया के अवसर पर पिछले वर्षों की भांति ही इस बार भी महामाया मंदिर ट्रस्ट ने बुधवार को सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें छत्तीसगढ़ समेत अन्य राज्यों के 188 जोड़े शादी के बंधन में बंधे । मंदिर प्रबंधन ने लगातार 19 वें वर्ष आयोजित इस सामूहिक विवाह कार्यक्रम में नव दम्पत्तियों को पर्यटन मण्डल सदस्य छग शासन भूपचंद शुक्ला, मैनेजिंग ट्रस्टी सुनील सोन्थलिया, सतीश शर्मा, राम शंकर, गोरख कीमती लाल जुनेजा और ट्रस्टी संतोष शुक्ला ने आशीर्वाद देकर सफल दाम्पत्य जीवन की कामना की । इस सम्बन्ध में मंदिर ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी सुनील सोन्थलिया ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि 188 जोड़ों ने इस सामूहिक विवाह समारोह में भाग लिया ।
इस विवाह कार्यक्रम में शामिल नव दम्पत्तियों को ट्रस्ट द्वारा बर्तन जेवर कपड़ा सुहाग का सामान सहित पूजा पाठ की सामग्री व मंडप के नीचे का समस्त सामान ट्रस्ट द्वारा निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती है । इस बार छग समेत एमपी से भी रतनपुर आकर वर-वधुओं ने सात फेरे लिए । दोपहर 11 बजे बैड बाजे एवं आतिशबाजी के बीच 188 दूल्हों की निकली, जिसके करीब 20 हजार लोग साक्षी बने । नवयुगलों के परिजन बैड बाजे की धुन में एक साथ थिरकते नजर आए । अभिजीत मुहूर्त में पाणिग्रहण का कार्यक्रम हुआ और वर वधू पंडाल में बने अपने अपने स्थान में बैठकर वैदिक रीति रिवाज से पं. आचार्य राम मूर्ति मिश्रा और उपाचार्य आनन्द मिश्रा बालो महराज के मंत्रो च्चारण के साथ पूरे विधि विधान से परिणय सूत्र में बंधे।
बैंड बाजे और आतिशबाजी के साथ 188 दूल्हों की निकली बारात, नगरवासी भी बने बाराती
शादी समारोह में मौजूद वर वधू और उनके परिजन।
दिव्यांग और विधुर, वर-वधू भी परिणय सूत्र में बंधे
महामाया मंदिर में बुधवार को आयोजित हुए सामूहिक विवाह में हाथ और पैर से दिव्यांंग और विधुर दूल्हा राम कुमार पिता श्याम लाल भोई निवासी देवरी खुर्द तोरवा ने 24 वर्षीय रीना पिता फेकूराम भोई निवासी सीपत जांजी के साथ सात फेरे लिए । इसी तरह विधुर तारेश शुक्ला पिता सुशील शुक्ला निवासी परसदा मस्तूरी ने अपनी पहली प|ी की मृत्यु के बाद जया पाण्डेय पिता रोहित पाण्डेय निवासी हरदी कला टोना के साथ परिणय सूत्र में बंधे ।
आपसी सहमित से अंतर जातीय विवाह कराए गए
सामूहिक विवाह समारोह में आकाश रजक का प्रीति संत सेे, अजय साहू का सुमन पटेल से , लक्षमेंद्र जोगी ने वैशाली यादव से ,आशीष पाण्डेय ने प्रीति बन्नीक से और अशोक मरकाम पिता घिस्सु मरकाम निवासी गनियारी ने ललिता साहू पिता हीरा लाल साहू गनियारी से ,आपसी एवं पारिवारिक सहमति से अंतरजातीय विवाह कर समाज के सामने अनूठी मिसाल कायम की है।
वर-वधू व उनके परिजनों के लिए ठहरने की सुविधा
महामाया अतिथि निवास में ठहरने और खाने की रही निःशुल्क व्यवस्था ।
अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में शामिल होने आने वाले वर-वधु व उनके परिजनों के ठहरने व खाने की निःशुल्क ब्यवस्था मंदिर प्रबंधन द्वारा मंदिर परिसर में स्थित महामाया अतिथि निवास में की गई थी। सुबह 8 बजे से तेल हल्दी के साथ वैवाहिक कार्यक्रम की शुरुआत हुई ।
महामाया ट्रस्ट की तरफ से वर-वधू को मिले उपहार
नव युगलों को महामाया मंदिर ट्रस्र्ट द्वारा मंगल सूत्र, पायल, झुमका, बिछिया, सोने की लौंग और कुर्ता पायजामा, बनियान, दुपट्टा, पगड़ी, कटार, कलगी, कन कन, हथवा, साड़ी, ब्लाज, पेटीकोट,श्रंगार पेटी, 2 नग थाली, लोटा गिलास गंजी तेल हल्दी कलश मंगरोहन धूप दीप निःशुल्क उपलब्ध कराए गए ।