अनाज मंडी में शनिवार को निजी कंपनी के अधिकारी महिलाओं को बैंक से पेमेंट लाने का आश्वासन देकर वापस नहीं लौटे। दिनभर महिलाएं भूखी, प्यासी उनके कार्यालय में बैठी रहीं। जब कोई वापस नहीं आया तो खफा महिलाओं ने नारेबाजी कर रोष जताया। सूचना शहर पुलिस को दी गई। सूचना मिलने पर शहर पुलिस मौके पर पहुंची।
पीडि़त महिलाओं ने पुलिस को शिकायत कर पंजाब के दो युवकों के खिलाफ शिकायत कर कार्रवाई के साथ साथ उनसे लिए गए रुपये दिलाने की मांग की। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
वीना रानी, चरणजीत कौर, सर्वजीत कौर, पाल कौर, गीता, सत्या, माया, सुमन, सुनीता ने बताया कि क्षेत्र के गांव रतनगढ़, भुंदड़वास, शहनाल, खाई, नंगल, बलियाला, बोड़ा, महमदकी गांवों में पिछले दो दिनों से एक निजी कंपनी के दो युवक गांव गांव जाकर महिलाओं को स्वयं रोजगार शुरू करने के लिए लोन देने के लिए फार्म भर रहे थे। उन्होंने दर्जनभर गांवों से करीब 200 महिलाओं के फार्म भरे गए।
फार्म भरने के लिए उनसे 30, 30 रुपये की फीस भी ली गई। उन्हें कहा गया कि इसके लिए उन्हें ग्रुप बनाने होंगे। कंपनी उन्हें स्वयं रोजगार चलाने के लिए 50, 50 हजार रुपये का लोन देगी। जोकि किश्तों में देने होंगे। इसे लेकर वे शनिवार को रतिया में अनाज मंडी में उनके कार्यालय में पहुंच जाएं। वहां पर उन्हें 50, 50 हजार रुपये की पेमेंट दी जाएंगी। महिलाओं ने बताया कि उन्होंने अपने अपने गांवों में ग्रुप बना लिए। शनिवार सुबह उन्होंने उनसे 530, 530 रुपये की फीस जमा करवा ली। करीब 200 महिलाओं ने फीस जमा करवाई। रुपये जमा करवाने के बाद वे कहने लगे कि वे बैंक से पेमेंट लेकर आते हैं, तब तक वे यहीं बैठी रहीं। लेकिन शाम 4 बजे तक कोई नहीं आया। फोन किए तो फोन बंद आ रहे थे। महिलाओं ने बताया कि उन्होंने देखा कि जो फार्म जमा करवाए गए थे, वे कार्यालय में छोड़ गए और कार्यालय से अपना सामान भी उठा ले गए। खफा महिलाओं ने नारेबाजी कर रोष जताया।
उन्होंने कहा कि प्रशासन उनके खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर हड़पी गई पै मेंट वापस दिलवाए। महिलाओं ने सूचना शहर पुलिस को दी। सूचना मिलने पर पुलिस कर्मचारी मौके पर पहुंचे। महिलाओं ने मामले की शिकायत शहर पुलिस से की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
लोन देने के नाम पर रुपये हड़पने के आरोप में फार्म दिखातीं महिलाएं।