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राहत की उम्मीद, जलघरों के लिए छोड़ा रतिया ब्रांच में पानी

3 वर्ष पहले
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नहरबंदी के चलते रतिया क्षेत्र में पेयजल संकट गहराया हुआ है। मंगलवार को सिंचाई विभाग ने रतिया मुख्य ब्रांच नहर में जलघरों के लिए फिर से पानी छोड़ा। पानी मिट्टीयुक्त व गंदला है। लोगों को यह पानी फिल्टर कर इस्तेमाल करना पड़ रहा है। नहर में नाममात्र पानी छोड़ा गया है ताकि जलघरों के टैंकों को भरा जाए। नहर में इसी सप्ताह सिंचाई व पीने के लिए कुदनी व चिम्मो हेड से पानी छोड़ा जाना है। जो पानी छोड़ा गया है।

वह पेयजल समस्या को देखते हुए चिम्मो हेड से छोड़ा गया है। मोगे बंद होने के कारण जलघरों में मिट्टीयुक्त पानी जा रहा है। नहर में पर्याप्त मात्रा में पानी आने के बाद ही जलघरों तक साफ पानी पहुंचेगा। हालांकि पानी पीने लायक नहीं है, लेकिन लोग इस पानी को फिल्टर कर पीने, नहाने व शौचालयों के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। उधर गांव नागपुर की पंचायत भी पानी में क्लोरीन डालकर पानी को साफ कर लोगों के घरों तक भेजा जा रहा है।

इस कारण आई है समस्या

पिछले एक महीने से नहरबंदी के कारण जलघरों के टैंक सूखे पड़े हैं। ज्यादातर समस्या उन गांवों में है, जिन गांवों में भूमिगत पानी पीने लायक नहीं है और वे नहरी पानी पर ही आधारित है। इन गांवों में खूनन, नागपुर, दादुपुर, हड़ोली, हांसपुर सहित आधा दर्जन ऐसे गांव हैं, जो नहरी पानी पर ही निर्भर हैं।

इस सप्ताह छोड़ा जाएगा पानी : एक्सईएन

सिंचाई विभाग के एक्सईएन भूप सिंह ने कहा कि भाखड़ा बंदी के बाद नहरों की रोटेशन बदली गई है। नई रोटेशन के अनुसार इसी सप्ताह रतिया क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़ा जाएगा। फिलहाल रतिया ब्रांच नहर में जलघरों के लिए पानी छोड़ा जा रहा है।

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