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इधर...शहर के मुख्य जलघरों का पानी नहीं पीने लायक, पब्लिक हेल्थ को जारी होगा नोटिस

3 वर्ष पहले
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से शहर में विभिन्न जगहों से लिए पानी के सैंपलों के सैंपल रिपोर्ट निगेटिव आई है। कॉलीफार्म की जांच में सैंपल फेल आए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले में जनस्वास्थ्य विभाग को नोटिस भेजने का निर्णय लिया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से बीती 5 मई को शहर में जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा वाटर वर्क्स से सप्लाई किए जाने वाले पानी के सैंपल लिए थे। ये सैंपल मंडी रोड स्थित एसडीओ कार्यालय के मुख्य वाटर वर्क्स, लाली रोड के वाटर वर्क्स व मेन बाजार के वाटर वर्क्स से लिए गए थे। सैंपल तीन जगहों से लिए गए थे। सैंपल लेने के लिए विभाग ने एचआई राजेश कुमार को नियुक्त किया था। विभाग की टीम ने तीनों जगहों से चलते पानी के अलग-अलग सैंपल लिए। मौके पर क्लोरीन की मात्रा की भी जांच की गई, लेकिन कॉलीफार्म जांच के लिए सैंपलों को फतेहाबाद की लैब में भेजा गया। विभाग के अनुसार फतेहाबाद लैब से सैंपलों की जांच करवाई गई तो उसमें कॉलीफार्म सैंपल फेल आया।

ये होता है कॉलीफार्म टेस्ट में

विभाग के अनुसार भूमिगत पानी में तत्व मिल जाते हैं, जो कॉलीफार्म होते हैं। उनके तत्वों के मिलने से पानी के इस्तेमाल से उलटी, दस्त व पाचन क्रिया प्रभावित रहने की समस्याएं आती हैं। क्लोरीन दवा डालकर इसे ठीक किया जा सकता है। क्लोरीन की कम ज्यादा मात्रा से भी कॉलीफार्म पर असर पड़ता है। ये तत्व जमीन से मिलते हैं। तत्वों की संख्या ज्यादा बढ़ने से पानी पीने लायक नहीं रहता। विभाग अब जनस्वास्थ्य विभाग को इस मामले में नोटिस जारी कर जवाब मांगेगा कि शहर में पानी पीने लायक क्यों नहीं है। इसमें क्लोरीन की मात्रा सही की जाए, ताकि पानी पीने से लोगों में उलटी, दस्त व अन्य बीमारियां न पनपे। पानी की निरंतर जांच की जाए। जिन जगहों से सैंपल लिए गए थे, ये शहर में पेयजल सप्लाई के मुख्य वाटर वर्क्स हैं। इन वाटर वर्क्सों से पूरे शहर मेें पानी की सप्लाई होती है।

कॉलीफार्म से पाचन में आती दिक्कत

स्वास्थ्य निरीक्षक राजेश श्योकंद का कहना है ये तत्व जमीन से पानी में मिल जाते है। ज्यादा मात्रा होने पर पाचन क्रिया प्रभावित होने से डायरियां जैसी समस्याएं पैदा हो सकती है। क्लोरीन व अन्य दवाएं डालकर तत्वों का पानी से खात्मा किया जा सकता है।

सैंपल फेल आए हैं : एसएमओ

नागरिक अस्पताल की कार्यकारी एसएमओ डाॅ. डोली गंभीर ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने इसी महीने शहर में तीन जगहों से पेयजल सप्लाई के सैंपल लिए थे। सैंपलों को जांच के लिए फतेहाबाद लैब में भेजा गया, जहां पर कॉलीफार्म टेस्ट में सैंपल फेल आए हैं। इसके लिए विभाग को नोटिस भेजा जाएगा।

शहर में लिये गये पेयजल सप्लाई के कोलीफार्म सैंपल फेल आने पर रिपोर्ट तैयार करते एचआई राजेश श्योकंद।

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