दूरसंचार निगम बिना लैंड लाइन टेलीफोन लगाए सरपंचों को भारी भरकम राशि के बिल भेज रहा है। जिन पंचायतों को बिल भेजे गए हैं, उनके निगम ने टेलीफोन कनेक्शन ही चालू नहींं किए, लेकिन उन्हें एक हजार से 2100 रुपये तक के बिल भेजे गए हैं। जो बिल भेजे जा रहे हैं, उनमें कहा जा रहा है कि उन्हें मार्च महीने से टेलीफोन जारी हो चुका है। यहां तक कि उन्हें टेलीफोन नंबर भी भेजे गए हैं। जबकि अभी तक पंचायतों को लैंड लाइन टेलीफोन ही जारी नहीं हुए। बिना टेलीफोन कनेक्शन दिए बिल भेजने को लेकर सरपंच भी सकते में हैं। करीब 18 सरपंचों को बीएसएनएल बार-बार मैसेज भेजकर बकाया बिल जमा करवाने को कह रहा है।
सरपंचों का कहना है कि उन्होंने कभी भी लैंड लाइन फोन के लिए बीएसएनएल में आवेदन नहीं किया। लेकिन अब बीएसएनएल ने उन्हें मार्च महीने से 3-3, महीनों के बिल भेजे हैं। उन्हें बार-बार बिल भरने के संदेश आ रहे हैं। कुछ गांवों में बीएसएनएल ने ग्राम सचिवालयों में इंटरनेट के लिए बॉक्स जरूर लगाए हैं, लेकिन इंटरनेट चलाने के लिए उनके पास न तो कंप्यूटर है और न ही अन्य साधन। बीएसएनएल ने अपने स्तर पर ही केबल डालकर बक्से लगा दिए और उन्हें लैंड लाइन नंबर जारी कर दिए, जबकि तीन महीनों में उन्होंने एक दिन भी इन्हें इस्तेमाल नहीं किया, लेकिन भुगतान पंचायतों के खाते में डाल दिया। उन्होंने कहा कि इसको लेकर वे उच्चाधिकारियों से मिलेंगे। पंचायतों पर बिना जरूरत के बेवजह बोझ डाला जा रहा है। नेट चलाने के लिए उन्हें अन्य साधन उपलब्ध करवाए जाएं या फिर भेजे गए बिल वापस लिए जाएं।
पंचायत को एक हजार से 2100 रुपये के बिल भेजे, सरपंचों ने कहा-हमने आज तक कभी अप्लाई ही नहीं किया
फोन लगे ही नहीं, बिल आ रहे : सरपंच
ढाणी बबनपुर के सरपंच जगराज सिंह ने कहा कि उनके पास मार्च माह से मई तक बिल जमा करवाने को लेकर पर मैसेज आ रहे है। उन्होंने कभी कनेक्शन के लिए अप्लाई नहीं किया।
कनेक्शन जारी कर दिए हैं : एसडीओ
बीएसएनएल के एसडीओ आत्मा राम ने कहा कि निगम ने नेशनल फाइबर ऑप्टिकल नेटवर्क के तहत पंचायतों को कनेक्शन जारी कर दिए हैं। इसमें जिम्मेवारी के तौर पर सरपंचों के मोबाइल नंबर दिए गए हैं। इसी कारण उनके मोबाइलों पर संदेश आ रहे हैं। अभी प्रकिया चल रही है।