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बाल विवाह मिला तो पड़ोसी पर भी होगी कार्रवाई, आज उड़नदस्ते करेंगे निगरानी

3 वर्ष पहले
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बाल विवाह को रोकने के लिए शासन ने सख्त कानून बनाए हैं। लड़के की आयु 21 वर्ष से कम होने तथा लड़की की आयु 18 वर्ष से कम होने पर जिम्मेदार सभी व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है। बाल विवाह पर दोनों पक्षों के पड़ोसी, माता-पिता, रिश्तेदार से लेकर कार्ड छापने वालों तक पर कार्रवाई होगी। इसके तहत दो साल का कारावास या 1 लाख रुपए का जुर्माना या दोनों ही सजा दी जा सकती है।

यह जानकारी मंगलवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में लाडो अभियान कार्यशाला में दी गई। इसमें कलेक्टर रुचिका चौहान ने कहा बाल विवाह की रोकथाम के लिए सख्त मॉनिटरिंग की जा रही है। 18 अप्रैल अक्षय तृतीया पर उड़नदस्ते जिले में घूमकर निगरानी रखेंगे। जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी आरके मिश्रा, जिला कार्यक्रम अधिकारी सुषमा भदौरिया, चाइल्ड लाइन के अधिकारी, बाल कल्याण समिति के सदस्य वीरेंद्र कुलकर्णी, विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

बाल कल्याण समिति की अनुशंसा पर ही आयु प्रमाण पत्र मिलेगा-बाल विवाह रोकथाम के संबंध में संदेहास्पद प्रकरणों की जांच बाल कल्याण समिति करेगी। अब खंड चिकित्सा अधिकारी सीधे आयु प्रमाण पत्र जारी नहीं कर सकेंगे। ऐसे प्रकरणों में बाल कल्याण समिति विद्यालय से मिलने वाले जन्म तारीख प्रमाण पत्र, बोर्ड मेट्रिकुलेशन या प्रमाण पत्र के आधार पर या इनके अभाव में नगर निगम या पंचायत द्वारा दिए गए जन्म प्रमाण पत्र के आधार पर प्रमाण पत्र जारी होंगे। यदि इनमें से कुछ नहीं मिलता है तो समिति के आदेश पर अस्थि जांच या कोई अन्य आयु जांच के आधार पर ही प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे।

बाल विवाह शून्य घोषित हो सकता है

कार्यशाला में बताया शादी हो जाने के बाद भी बाल विवाह को शून्य घोषित किया जा सकता है। ऐसे विवाह की सूचना पर जिला अधिकारी सबूतों के साथ यदि कलेक्टर के सामने प्रकरण रखता है तो कलेक्टर विवाह को शून्य घोषित कर सकता है।

ऐनवक्त पर कार्रवाई की बजाय समय से पहले बाल विवाह का पता करें....कलेक्टर रुचिका चौहान ने कहा ऐनवक्त पर कार्रवाई करने के बजाए समय से पहले ही पता कर लें कि बाल विवाह तो नहीं हो रहा है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका या मैदानी अमलों के माध्यम से विवाह के 20 से 25 दिन पहले संबंधित वर-वधुओं की आयु संबंधी जानकारी एकत्र करें। पंचायतों मे बाल विवाह विरोधी पेंफ्लेट लगवाएं। जिले के सभी विकासखंडों में बाल विवाह संबंधी शिकायतों का डेटाबेस बनाया जाए।

बाल विवाह होते मिले तो यहां करें शिकायत

बाल विवाह के संबंध में कोई भी व्यक्ति पुलिस थाने, प्रथम न्यायिक मजिस्ट्रेट के यहां शिकायत दर्ज करवा सकता है। इसके अलावा कलेक्टर, एसपी, महिला सशक्तिकरण अधिकारी, कार्यक्रम अधिकारी, एसडीएम, एसडीओ, तहसीलदार, थाना प्रभारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी, आंगनवाड़ी केंद्र पर सूचना दी जा सकती है। चाइल्ड लाइन 1098 पर भी सूचना दी जा सकती है। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रहती है।

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