क्रोध : परिवार में 5 व्यक्ति शांति से नहीं रह पाते
500 भैंस एक साथ तबेले में शांति से रह सकती हैं लेकिन परिवार में पांच व्यक्ति शांति नहीं से नहीं रह पाते, इसका कारण ही क्रोध है। क्रोध की छोटी से चिंगारी भी इतनी भड़क बन जाती है कि व्यक्ति विवाद से लेकर आत्महत्या तक के भी क्रूर कर्म कर लेता है। क्रोध की आग भड़कने से पूर्व ही क्षमा के जल का उपयोग करें। क्षमा का जल वह है जो क्रोध को शांत करता है।
पूज्य कीर्तिचंद्रसूरी ने यह बात प्रवचन में कही। इसके पहले आचार्य के साथ, आचार्य कीर्तिदर्शनसूरी आदि ठाणा पांच, साध्वी ठाणा 4 की पावन निश्रा में त्रि-दिवसीय र|त्रयी महोत्सव में परमात्मा एवं गुरुमूर्ति के महाअभिषेक हुआ। 19 अप्रैल को शुभ मुहूर्त में गुरु मूर्ति की प्रतिष्ठा होगी। सुबह नीमचौक स्थानक पर प्रवचन हुए। दोपहर 2 बजे श्री सुविधिनाथजी जिनालय में रजत महोत्सव पर अठारह अभिषेक हुआ। जिसमें क्रिया कराने वाले संतोष मूणत उज्जैन वाले एवं अमित भाई जैन रतलाम द्वारा विधि-विधान से अठारह अभिषेक पूज्य आचार्यश्री की निश्रा में हुआ। गुगलिया व फलोदिया परिवार की विनंती स्वीकार कर आप आपने मंडल सहित नाकोड़ाजी तीर्थ से विहार कर रतलाम पधारे। महोत्सव सम्पन्न कराने के बाद आप अपने मंडल के साथ रायपुर की ओर विहार करेंगे। चातुर्मास रायपुर में होगा। धानमंडी जिनालय पर तीन दिन समवोशरण गवली महिला मंडल द्वारा आकर्षक रंगोली बनाई जा रही है।
धर्म
र|त्रयी महोत्सव में परमात्मा एवं गुरुमूर्ति महाअभिषेक हुआ, आज शुभ मुहूर्त में गुरु मूर्ति की प्रतिष्ठा होगी
र|त्रयी महोत्सव में विधि विधान से पूजन-अर्चन करते जैन समाज के श्रावक-श्राविका।