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1 लाख करोड़ में बनेगा एक्सप्रेस-वे

3 वर्ष पहले
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(देल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे)

किमी लगभग

यात्रा का समय घटेगा

24 घंटे से घटकर

17-18 घंटे

रह जाएगा

िदल्ली-मुंबई हाईवे की दूरी

किमी

ये रहेगा रूट

दिल्ली-गुडगांव-

मेवात-कोटा-

रतलाम-गोधरा-

वडोदरा-सूरत-

दहीसर-मुंबई

6 हजार करोड़ रुपए से होगा वडोदरा व गुड़गांव के बीच भूमि अधिग्रहण

राजस्थान

गोधरा

मुंबई

हरियाणा

गुड़गांव

कोटा

रतलाम

दाहोद

वडोदरा

सूरत

200 किमी दूरी घटेगी दिल्ली और मुंबई के बीच

मेवात और दाहोद के अति पिछड़े जिले जुड़ेंगे

मध्यप्रदेश

महाराष्ट्र

जमीन अधिग्रहण व मुआवजे की दर का नए सिरे से निर्धारण हो रहा है

उत्तर प्रदेश

दिल्ली

मेवात

मौजूदा दिल्ली-मुंबई हाईवे से देश के कुल माल परिवहन का 15% हिस्सा ही गुजरता

24 घंटे की जगह 17 से 18 घंटे ही लगेंगे एक्सप्रेस-वे से

8 लेन का बनेगा एक्सप्रेस-वे, रतलाम से मुंबई 125 और दिल्ली की दूरी 150 किमी कम होगी

भास्कर संवाददाता | रतलाम

दिल्ली-गुड़गांव से मुंबई एक्सप्रेस-वे 8 लेन होगा। इससे रतलाम से मुंबई की सड़क मार्ग दूरी करीब 125 और रतलाम से मुंबई की दूरी 150 किमी कम हो जाएगी। इससे दोनों जगह ट्रेन के सफर के समय में ही सड़क मार्ग से ही पहुंच सकेंगे। अभी रतलाम से दिल्ली ट्रेन से जाने में 10 घंटे लगते हैं वहीं रतलाम से मुंबई ट्रेन से जाने में 8 घंटे लगते हैं। एक्सप्रेस-वे से दिल्ली जाने में 8 और मुंबई जाने में साढ़े 9 घंटे लगेंगे। रतलाम से दिल्ली सड़क मार्ग से जाने में 11 घंटे लगते हैं लेकिन एक्सप्रेस-वे से 8 घंटे में ही पहुंच सकेंगे। रतलाम से मुंबई जाने में सड़क मार्ग से अभी 13.30 घंटे लगते हैं लेकिन एक्सप्रेस-वे से साढ़े 9 घंटे में ही पहुंच सकेंगे।

इन मार्गों की यह स्थिति रहेगी

रतलाम से मुंबई ट्रेन मार्ग से दूरी 653 किमी, पहुंचे में 8 घंटे लगते हैं

रतलाम से मुंबई की सड़क मार्ग (आगरा नेशनल हाई-वे से) की दूरी -660 किमी, पहुंचने में लगते 11 घंटे

एक्सप्रेस-वे बनने के बाद दूरी करीब 125 किमी की दूरी कम होगी, 8 घंटे लगेंगे

रतलाम से दिल्ली की ट्रेन से दूरी 732 किमी, पहुंचने में 10 घंटे लगते हैं।

रतलाम से नेशनल हाई-वे 48 से होकर दिल्ली की दूरी 782 किमी, पहुंचने में 13.30 घंटे लगते हैं।

एक्सप्रेस-वे से रतलाम से दिल्ली की दूरी करीब 150 किमी कम होगी और साढ़े 9 घंटे में पहुंच सकेंगे।

यहां जाना भी होगा आसान

रतलाम से कोटा 290 किमी (वाया रतलाम-मंदसौर हाई-वे)

एक्सप्रेस-वे से इसमें 50 किमी दूरी कम होगी

रतलाम से वडोदरा 284 किमी, एनएच 47 से (वाया गोधरा, 5 घंटे का वक्त लगता है)

एक्सप्रेस-वे से इसमें 65 किमी की दूरी कम होगी।

किस वर्ग को क्या फायदा मिलेगा

किसान- क्षेत्र के किसान दिल्ली-मुंबई से लेकर इसके बीच पड़ने वाली बड़ी मंडियों में उपज बेच सकेंगे। इससे उन्हें भावों में तेजी मिलेगी और लाभ मिलेगा। कम समय में खराब होने वाली सब्जियां भी अब लंबी दूरी की मंडियों तक पहुंच सकेगी।

यह भी होगा लाभ

औद्योगिक एवं वित्तीय विकास से नौकरियों के अवसर पैदा होंगे।

रतलाम रेल मंडल होने से कनेक्टिविटी मिलेगी। पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

रतलाम के साथ उज्जैन, मंदसौर, नीमच, इंदौर को भी इसका लाभ मिलेगा।

राजस्थान, हरियाणा व मध्यप्रदेश के पिछड़े जिलों का विकास होगा।

कई पिछड़े इलाके गुड़गांव की तरह विकसित होंगे। वहां औद्योगिक विकास होने से रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

रतलाम से कोटा व दाहोद की दूरी कम होगी। यहां से ज्यादातर लोग इलाज के लिए गुजरात जाते हैं तो पढ़ाई के लिए कोटा जाने वाली संख्या भी काफी है।

मेवात व झाबुआ को भी लाभ मिलेगा

विद्यार्थी -एजुकेशन हब कोटा पहुंचने में विद्यार्थियों को कम समय लगेगा। दिल्ली-मुंबई और गुजरात-राजस्थान की यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले विद्यार्थियों का भी आने-जाने का समय बचेगा।

उद्योगपति- उद्योग फूड प्रोसेसिंग से जुड़े उद्योग एक्सप्रेस-वे से लगे हुए क्षेत्रों में खोल सकेंगे। किसी भी तरह का उद्योग लगने में कच्चा माल आने और देश की राजधानी दिल्ली और आर्थिक राजधानी मुंबई माल भेजने में आसानी रहेगी।

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