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अक्षय तृतीया पर सैकड़ों शादियां, कैश के संकट ने दिक्कतें बढ़ाईं, नोटबंदी के बाद पहली बार एेसे हाल
अक्षय तृतीया पर बुधवार को सैकड़ों शादियां हैं। एटीएम में कैश की दिक्कतों ने कई परिवारों के लिए परेशानी पैदा कर दी है। कैश नहीं होने से कई बैंकों ने अपने एटीएम ही बंद कर दिए हैं। जो खुले हैं उनमें से 500 एवं 2000 रुपए के नोट नहीं निकल रहे हैं। एसबीआई ही नहीं बल्कि तमाम बैंकों की यही स्थिति है और एटीएम से कैश नहीं निकल रहा है। शादियों के सीजन में लोगों को कैश के लिए एक से दूसरे एटीएम में भटकना पड़ रहा है। लोग जब इसकी शिकायत बैंकों को कर रहे हैं तो जिम्मेदार अफसर जवाब दे रहे हैं कि ऑनलाइन या मोबाइल के जरिए डिजिटल लेन-देन करो। लोगों का कहना है बैंकों द्वारा जब ग्राहकों से एटीएम चार्ज वसूला जा रहा है तो एटीएम में कैश तो डाला जाना चाहिए।
रोज परेशान होना पड़ रहा है
रेडिमेड कारोबारी रवि कटारिया ने बताया मेरा एक नहीं बल्कि तीन बैंकों में अकाउंट है। सभी बैंकों की यही स्थिति और एटीएम से पैसा नहीं निकल रहा है। दो-तीन दिन से रुपए के लिए परेशान हो रहा हूं। ऐसे में यदि किसी को कोई इमरजेंसी काम आ जाए तो ज्यादा परेशानी होगी। एटीएम से राशि नहीं निकल रही है तो बैंकों को चार्ज भी नहीं वसूलना चाहिए। कारोबारी दिनेश जैन ने बताया किसी भी बैंक के एटीएम से रुपए नहीं निकल रहे हैं। बैंकें बोल रही है डिजिटल लेन-देन करो। हम डिजिटल लेन-देन क्यों करें। हम डिजिटल लेन-देन करेंगे तो क्या बैंकें हमसे चार्ज वसूलना बंद कर देंगी। एटीएम में भी राशि डालना चाहिए ताकि इमरजेंसी में काम आ सके।
जितना कैश मिला उतना डाल रहे हैं
लीड बैंक प्रबंधक के.के. सक्सेना ने बताया आरबीआई से जितना कैश मिल रहा है उतना डाल रहे हैं। अब आगे से ही छोटे नोट आ रहे हैं तो हम क्या करें। लोगों को डिजिटल लेन-देन करना चाहिए ताकि कैश की समस्या ही नहीं रहे।