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आज 10 से ज्यादा स्थानों पर सामूहिक विवाह, 15 मई से लग जाएगी रोक

3 वर्ष पहले
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आखातीज बुधवार को अबूझ मुहूर्त से शादियां शुरू होंगी। 18 अप्रैल से ही वैवाहिक कार्यों पर लगी रोक भी हट जाएगी। इस दिन जिले में 10 से ज्यादा स्थानों पर सामूहिक विवाह सम्मेलन होंगे। पंडितों के अनुसार 15 मई से वैवाहिक कार्यों पर फिर ब्रेक लगने से इस बार ज्यादा शादियां होंगी। बुधवार को मारवाड़ा प्रजापति समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलन में मध्यप्रदेश के विभिन्न शहरों के 17 जोड़े परिणय सूत्र में बंधेंगे।

पं. जितेंद्र रावल ने बताया वैशाख मास की तृतीया को अक्षय तृतीया कहा जाता है। अक्षय का अर्थ होता है कि जिसका कभी क्षय न हो। यानी इस दिन अपने घर सोना आदि लाने से उसकी कभी कमी नहीं होती। 18 अप्रैल से शुरू हो रहे वैवाहिक कार्यों के लिए मुहूर्त 13 मई तक रहेंगे। इसके बाद वैवाहिक कार्यों की शुरुआत 15 जून के बाद से होगी। अप्रैल में 18, 19, 20, 27, 28, 29 व 30 अप्रैल को शादियां हो सकेंगी वहीं मई में 1, 2, 11, 12 व 13 मई को ही शादियां हो सकेंगी। अक्षय तृतीया से एक दिन पहले मंगलवार देर शाम तक बाजार में खरीददारी का दौर चलता रहा। व्यापारियों के मुताबिक इस दिन कपड़ा, सराफा, किराना व बर्तन दुकानों पर अन्य दुकानों के मुकाबले ज्यादा भीड़ रही। मारवाड़ा प्रजापति समाज द्वारा 8वां निशुल्क सामूहिक विवाह सम्मेलन एवं तुलसी विवाह का आयोजन किया जा रहा है। सम्मेलन 18 अप्रैल को बाजना बस स्टैंड स्थित नृसिंह मंदिर प्रजापति धर्मशाला में होगा। इसमें मध्यप्रदेश के विभिन्न शहरों के 17 जोड़ों का विवाह वैदिक रीति से पं. अशोक शर्मा के सान्निध्य में होगा। संयोजक बद्रीलाल घोड़ेला ने बताया तुलसी विवाह के मुख्य यजमान सावित्री वासुदेव मांगरोला होंगे। सुबह 10 बजे श्री गणेश पूजन, 10.30 बजे मंडप, 11 बजे वरमाला व मंगल फेरे होंगे। दोपहर 1 बजे विदाई समारोह का आयोजन किया जाएगा। वर-वधू को समिति द्वारा पलंग, रजाई-गादी, 31 बर्तन, मंगलसूत्र, पायजेब, अंगूठी आदि दी जाएगी। विवाह समिति अध्यक्ष रामचंद्र मांगरोला, रमेश कुवाडिय़ा, कालूराम वरांदना, वासुदेव मांगरोला, शांतिलाल जुनजुनिया, जगदीश चंदवाड़िया आदि ने समाजजन से उपस्थित रहने की अपील की।

क्षत्रिय राठौड़ समाज का सम्मेलन होगा

क्षत्रिय राठौड़ समाज का सामूहिक विवाह सम्मेलन 18 अप्रैल को होगा। सम्मेलन में रतलाम के साथ मंदसौर, नीमच, धार, उज्जैन आदि शहरों के समाजजन शामिल होंगे। सामूहिक विवाह सम्मेलन पलसोड़ा से होगा। सम्मेलन को लेकर कार्यक्रमों की शुरुआत हो चुकी है। सामूहिक विवाह 18 अप्रैल काे पं. विष्णु कुमार भट्ट के सान्निध्य में होंगे।

राजपूत समाज का सम्मेलन कल

राजपूत समाज का सामूहिक विवाह सम्मेलन व तुलसी विवाह समारोह 19 अप्रैल को होगा। राजपूत नवयुवक मंडल, न्यास एवं महिला मंडल द्वारा होने वाले आयोजन कालिकामाता मांगलिक परिसर में होंगे। हाथीखाना स्थित राजपूत समाज की धर्मशाला से वर पक्ष का चल समारोह सुबह 10 बजे निकाला जाएगा। चल समारोह शहर के प्रमुख मार्गों से होता हुआ कालिकामाता मंदिर परिसर पहुंचेगा। यहां तोरण व आरती के साथ वधू पक्ष द्वारा वर पक्ष की अगवानी की जाएगी। पं. शशिप्रकाश जोशी के सान्निध्य में वैदिक रीति से वरमाला, मंगलफेरा व कन्यादान होगा।

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