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पीडब्ल्यूडी नियम-शर्तें बनाए, आरडीए आर्किटेक्ट कंसल्टेंट को नियुक्त करे तो बन पाएगा ट्रांसपोर्ट नगर का नक्शा

3 वर्ष पहले
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जिस आर्किटेक्ट कंसल्टेंट को ट्रांसपोर्ट नगर का खाका खींचना है, चार माह बाद उसकी तैनाती के नियम व शर्तें नहीं बनी है। अड़चन यह है कि मेट्रो सिटी की तर्ज पर ट्रांसपोर्ट नगर बनाने के लिए आर्किटेक्ट की नियुक्ति रतलाम विकास प्राधिकरण (आरडीए) को करना है। इसके लिए नियम व शर्तें लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को, जो वह दिसंबर के बाद से अब तक नहीं बना पाया है। दिसंबर में हुई आरडीए बोर्ड की बैठक में पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी ने बड़े जोश के साथ कंसल्टेंट रखने के नियमों में बदलाव का दावा किया था, इसलिए बोर्ड ने नियम व शर्तें बनाने की जिम्मेदारी उन्हें ही सौंप दी थी। आधे से ज्यादा अप्रैल गुजर चुका है, ट्रांसपोर्ट नगर की मूल और अतिरिक्त तीन सहित 19 हेक्टेयर जमीन आरडीए को मिलने के साथ सीमांकन भी हो चुका है। अब ट्रांसपोर्ट नगर नक्शा बनना है, जिसका मामला चार माह से आरडीए और पीडब्ल्यूडी विभाग के बीच झूल रहा है।

शहर में भारी वाहनों का दबाव, रोज 200 ट्रकों की लोडिंग-अनलोडिंग हो रही

शहर में भारी यातायात बढ़ रहा है, तीन से चार प्रमुख इलाकों का अघोषित रूप से ट्रांसपोर्ट नगर के रूप में उपयोग हो रहा है, जहां से रोज 170 से 200 ट्रकों की लोडिंग व अनलोडिंग होती है। इससे दोगुना छोटे लोडिंग वाहन दौड़ लगा रहे हैं। रोक के बावजूद सारे बेखौफ दिन-रात सड़कों पर दौड़ते रहते हैं। कई दुर्घटनाओं में मौत भी हो चुकी है।

ये क्षेत्र बने हुए हैं अघोषित ट्रांसपोर्ट नगर-फ्रीगंज, लौहार रोड, पावर हाउस का सैलाना बस स्टैंड से रिलायंस पेट्रोल पंप तक का क्षेत्र, फूल मंडी का इलाका हरमाला रोड, महू रोड, कॉमर्स कॉलेज के सामने व बिरियाखेड़ी तिराहा तक का क्षेत्र।

फ्रीगंज में इस तरह ट्रकों की लोडिंग-अनलोडिंग होती है, जिससे दिन में कई मर्तबा जाम की स्थिति बन जाती है।

फ्रीगंज, सबसे पहला ट्रांसपोर्ट नगर

शहर का सबसे पहला और सबसे पुराना ट्रांसपोर्ट नगर फ्रीगंज को कहा जा सकता है। रियासत काल में इसे फ्री पोर्ट एरिया घोषित किया था। उस समय बाहर से आने और जाने वाला सामान यहीं उतरता-चढ़ता था। इसलिए तत्कालीन महाराजा ने फ्रीगंज को टैक्स फ्री घोषित किया था।

मांगरोल-खाराखेड़ी अभी तक की योजना

19 हेक्टेयर क्षेत्रफल

150 से ज्यादा ट्रांसपोर्टरों को प्लाट मिलेंगे

30 सालों की जरूरतों को देखते हुए बनेगा प्लान

यह सुविधा मिलेगी- प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, पुलिस चौकी, पेट्रोल पंप, सुलभ शौचालय, एटीएम, बैंक शाखा, होटल, कैंटिन व अन्य।

कंसल्टेंट की नियुक्ति करना है

ट्रांसपोर्ट नगर का नक्शा बनाने के लिए आर्किटेक्ट कंसल्टेंट की नियुक्ति की जाना है। प्रोसेस चल रही है। नियम व शर्तें तैयार होते ही टेंडर काल कर दिया जाएगा। योगेश शुक्ला, पीआरओ-आरडीए

मौखिक बताया है, जल्द ही लिखित में भी जानकारी दे देंगे

नए नियमानुसार रजिस्ट्रेशन वाले कंसल्टेंट को ही रखा जा सकता है। वहीं उसका अनुभव भी देखा जाना चाहिए। इस बार रिस्क एंड काॅस्ट का नियम भी आया है। यदि कंसल्टेंट की वजह से प्रोजेक्ट में देरी होती है तो उससे 30 फीसदी वसूली कर नया कंसल्टेंट नियुक्त किया जाएगा। इसके साथ ही सभी जानकारियों आरडीए सीईओ को दे दी है। जल्दी ही यह नियम लिखित में दे दिए जाएंगे। जावेद शकील, ईई पीडब्ल्यूडी

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