भागवत कथा के माध्यम से भक्त भगवान को याद करते हैं। भागवत कथा भगवान की आराधना का माध्यम है। भागवत कथा भक्तों का प्रभु से मिलन करवाती है।
यह बात प्रतापनगर स्थित मंगलम सिटी में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में भागवताचार्य पं. वासुदेव ने कही। उन्होंने कहा व्यक्ति को सुनी-सुनाई बातों पर विश्वास नहीं करना चाहिए तथा निंदा नहीं करना चाहिए। मनुष्य को भगवान को भी अपने घर का सदस्य मानकर महसूस करना चाहिए। यदि व्यक्ति ऐसा करेगा, तो उसे हमेशा घर में प्रभु के दर्शन होंगे। गोपियां कन्हैया को हर चीज में तन-मन में महसूस करती थीं तथा याद करती थी। भगवान कृष्ण-रुक्मिणी विवाह का सजीव वर्णन किया। गोपालदास मधुबाला बैरागी, माया बैरागी, परीक्षित नीना शर्मा, जन्मेजय, चैतन्या शर्मा, मेघा वैष्णव आदि मौजूद थे।