फैक्टरी की पुरानी मोटरें रंगवाकर निगम को दे दीं
शहर विधायक ने अपनी फैक्टरी की पुरानी साढ़े चार लाख कीमत की स्टैंड बाय मोटरें रंगवाकर 13 लाख की बताकर नगर निगम को दी है। इन मोटरों को लेकर निगम आयुक्त ने नगर निगम अधिनियम 134 अ, 146 ब का उल्लंघन किया और अपने कर्तव्य के विपरीत काम किया है।
यह आरोप मंगलवार को पत्रकार भवन में प्रेस काॅन्फ्रेंस में पूर्व महापौर पारस सकलेचा ने लगाए। उन्होंने कहा विधायक चेतन्य काश्यप को नगर निगम की मदद करना थी तो विधायक निधि से करते। आयुक्त मोटर के बिल, गारंटी कार्ड जनता के सामने जारी करें। ये भी बताएं कि उन्होंने मोटरों के लिए विधायक से कब और क्यों संपर्क किया। विधायक माफी मांगे नहीं तो कांग्रेस आंदोलन व कानूनी कार्रवाई करेगी। दान की मोटरेंं धोलावड़ पर शो-पीस बनी हुई हैं वहीं यह मोटरे वहां उपयोग करने लायक भी नहीं हैं क्योंकि वहां स्टैंड बाय मोटरों की जरूरत ही नहीं है। यूआईडीएसएसएमटी में 36 करोड़ की पाइप लाइन, मुख्यमंत्री शहरी पेयजल योजना के 24 करोड़ खर्च होने के बाद भी दान लेना पड़ रहा है। सीवरेज के लिए पूरे मकान की फर्श उखाड़ना पड़ेगी जिसकी लागत 3 से 5 लाख आएगी। इसमें लोगों से हर महीने 265 रुपए भी लेंगे। इसके खिलाफ आंदोलन करेंगे। अवैध कॉलोनियों को वैध करने की थोथी घोषणा, सफाई व्यवस्था के नाम पर भारी अनियमितता आदि मुद्दों पर आंदोलन किया जाएगा। कांग्रेस कटोरा यात्रा निकालेगी। शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष विनोद मिश्रा, पार्षद शांतिलाल वर्मा आदि पार्षद मौजूद थे।
बजट प्रस्तुत नहीं किया
नगर निगम नेता प्रतिपक्ष यास्मीन शेरानी ने कहा महापौर व आयुक्त द्वारा बजट सम्मेलन आयोजित नहीं किया जा रहा है। इससे विकास कार्य रुके पड़े हैं।
मुझे बोलने ही नहीं दिया
नगर निगम सचेतक रजनीकांत व्यास ने कहा पार्षद दल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की लेकिन मुझे ही नहीं बोलने दिया।