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‘अधिक मास की महिमा है कि थोड़ा करने से भी बहुत पुण्य मिलता है’

3 वर्ष पहले
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शक्ति के बिना तो देवता भी अधूरे हैं फिर आपकी और हमारी बात ही क्या। यह अधिक मास की महिमा है कि थोड़ा करने से भी बहुत पुण्य मिलता है। ईश्वर ने हमें जीवन को आध्यात्मिक साधना और सत्संग से दिव्य बनाने का विशेष ऑफर दिया है। एक कथा के श्रवण से अधिक कथाओं के फल की प्राप्ति होती है।

यह बात पुरुषोत्तम मास के पहले दिन श्री कालिकामाता मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद देवी भागवत कथा में महामंडलेश्वर स्वामी चिदंबरानंद सरस्वती ने कही। श्रीहरिहर सेवा समिति एवं भट्ट परिवार द्वारा आयोजित कथा में पहले दिन अखंड ज्ञान आश्रम के स्वामी देवस्वरूपानंद, राज्य वित्त आयोग अध्यक्ष हिम्मत कोठारी, पुखराज कोठारी, कालिका माता सेवा मंडल ट्रस्ट अध्यक्ष राजाराम मोतियानी, चैतन्य झालानी विशेष रूप से उपस्थित थे। देवी भागवतजी का पूजन आयोजक मोहनलाल भट्ट व श्यामा भट्ट ने किया। कथा में चिदंबरानंदजी ने कहा श्रीमद् देवी भागवत पुराण ऐसा ग्रंथ है जो भक्ति और मुक्ति भी देता है। इसके श्रवण मात्र से अनंत पुण्य होता है। हमारे सभी ग्रंथ जीवन में विवेक और वैराग्य का संचार करते हैं। हमारे साथ सबसे बड़ी समस्या यह है कि कामनाएं पूरी नहीं होती हैं। इसलिए अंतिम समय में भी कामनाओं का चिंतन होता है। कथा को सुनने से विवेक जागृत होता है। हमें प्रय| पूर्वक सत्संग का लाभ लेना चाहिए। अधिक मास में ये अवसर हमें सुलभ हुआ है। उन्होंने कहा सौभाग्य हमारा बार-बार दरवाजा नहीं खटखटाता है। जब भी जीवन में श्रेष्ठ अवसर आए तब उसका तुरंत लाभ लेना चाहिए। अधिक मास भी हमें ईश्वर ने ऐसा ही सर्वोत्तम अवसर दिया है। हम पुरुषार्थ फल से अपने जीवन को सफल बनाएं। शक्ति की आराधना हमें नई ऊर्जा और चेतना का संचार करती है। अधिक मास में किया थोड़ा भी धर्म अधिकाधिक फल देता है। कलयुग में जितना भी समय मिले कथा/पुराण अवश्य सुनना चाहिए क्योंकि यह भगवान के नाम स्मरण से भी सरल है। यह मुक्ति सरल और सुलभ साधन है। साधु संगति करोड़ों पापों को नष्ट कर देती है। स्वामीजी का स्वागत भेरूलाल शर्मा, बीएल पुरोहित, शांतिलाल शर्मा, जगदीश राव, दीपक पुरोहित, सुंदरलाल बैरागी, पुरुषोत्तम भट्ट, रमेश शर्मा आदि ने किया। संचालन सुनील भट्ट ने किया।

कथा की शुरुआत से पहले कालिकामाता मंदिर से निकली शोभायात्रा।

2012 व 2015 में भी मिला था सान्निध्य

स्वामी चिदंबरानंदजी के सान्निध्य में हरिहर सेवा समिति द्वारा रतलाम में यह लगातार तीसरा अधिकमास कथा महोत्सव है। इसके पहले वर्ष 2012 और 2015 में भी अधिक मास के तहत पूरे महीनेे में आयोजन हुए थे। इस अधिक मास में चार कथाएं होंगी।

माता के जयकारों के साथ कलश यात्रा

श्रीहरिहर सेवा समिति अध्यक्ष एवं आयोजक मोहनलाल भट्ट ने बताया श्रीमद् देवी भागवत कथा की शुरुआत पर कालिका माता प्रांगण से कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा में लाल चुनरी वाली साड़ी में महिलाएं सिर पर मंगल कलश लेकर चल रही थीं। यात्रा कथा स्थल पहुंची। यहां श्रीमद् देवी भागवत का पूजन कर स्वामीजी ने कथा की शुरुआत की।

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