भावांतर खरीदी : एक दिन पहले ही फुल हो गई मंडी, आज उपज नहीं लाएं किसान
भावांतर योजना में प्याज की खरीदी बुधवार से शुरू हुई। पहले दिन ही प्याज की बंपर आवक रही और तीन गुना आवक बढ़ गई। सुबह 9 बजे ही प्याज-लहसुन मंडी फुल हो गई। प्याज की ट्रॉलियों को नेहरू स्टेडियम के पास आंबेडकर ग्राउंड में खड़ा करवाया। यहां ट्रैक्टर ट्रॉलियां खड़ी करवाकर किसानों को टोकन बांटे। रात तक 300 ट्रॉलियां प्याज की बिकने पहुंच गईं। इससे गुरुवार के लिए भी मंडी फुल हो गईं। अब किसान माल लेकर ना आएं नहीं तो उनका प्याज शुक्रवार को बिकेगा।
मंडी में रोज पांच से छह हजार बोरी प्याज की आवक रहती है। भावांतर में खरीदी की चलते मंगलवार रात से ट्रैक्टर ट्रॉलियों की आवक शुरू हो गई थी। इसके बाद भी प्याज की ट्रॉलियों की आवक जारी रही। बुधवार शाम तक 15800 बोरी प्याज की नीलामी की गई। मंगलवार को प्याज की आवक 5,026 बोरी थी। ट्रॉलियों को नेहरू स्टेडियम के पास खड़ा कराया गया। प्याज के साथ लहसुन की खरीदी भी भावांतर में शुरू हो गई है। मंडी सचिव एम.एल. बारसे ने बताया मंडी की क्षमता 300 ट्रॉली की है। अन्य ट्रॉलियों को नेहरू स्टेडियम के पास खड़ा करवाया। गुरुवार के लिए भी मंडी फुल हो गई है। किसान जरूरी हो तो ही माल लेकर आएं। वैसे भी प्याज की खरीदी 30 जून तक चलेगी।
प्याज की खरीदी होने से परेशानी ज्यादा- पिछले साल प्याज की खरीदी अनाज मंडी में हुई थी। इस बार भावांतर में प्याज की खरीदी सैलाना बस स्टैंड स्थित प्याज-लहसुन मंडी में हो रही है। इससे परेशानी बढ़ गई। लहसुन-प्याज की एक साथ खरीदी होने से ज्यादा आवक है। इससे दिक्कत बढ़ गई है। ट्रैक्टर ट्रॉलियां शहर में आ रही हैं और मंडी में जगह नहीं होने से मंडी के बाहर ही खड़ी हो रही हैं। इससे बार-बार जाम की स्थिति बन रही है। इससे शहरवासियों को भी परेशान होना पड़ रहा है।
सुरक्षा को देखते हुए ट्रॉलियों को अनाज मंडी भिजवाया- रात को एसडीएम अनिल भाना, मंडी सचिव एम. एल. बारसे और सब्जी मंडी प्रभारी राजेंद्र व्यास अांबेडकर ग्राउंड पहुंचे। सुरक्षा और बिजली पानी की व्यवस्था को देखते हुए सभी किसानों को अनाज मंडी भिजवाया। कुछ ड्राइवर ट्रॉली छोड़कर चले गए थे तो उन्हें मैसेज भिजवाए।
पोलोग्राउंड के पास आंबेडकर ग्राउंड में खड़ी करवाई प्याज की ट्रॉलियां।