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गंगासागर कॉलोनी में घपले... 750 लीटर की टंकी बनाना थी, 500 लीटर की बनाई, उपायुक्त बोले- खामियां तो हैं

3 वर्ष पहले
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गंगासागर कॉलोनी की खामियों व नियमों की अनदेखी का आरोप नकारते रहे हाउसिंग बोर्ड के अफसर बुधवार को उस समय बगलें झांकते नजर आए जब उपायुक्त के निरीक्षण के दौरान एक-एक कर उनकी पोल खुलती गई। बोर्ड ने अपने लेआउट प्लान में मकानों पर 750 लीटर क्षमता की पानी की टंकी दर्शाई है जबकि मौके पर 500 लीटर की ही मिली। दीवारों का प्लास्टर और अन्य काम की गुणवत्ता भी घटिया नजर आई। उपायुक्त ने माना उपभोक्ताओं की शिकायतें जायज हैं। इस बारे में वे कंसल्टेंट से चर्चा कर पूरी रिपोर्ट बोर्ड मुख्यालय को प्रस्तुत करेंगे।

कॉलोनी की खामियों व टैक्स वसूली में अनियमितता को लेकर गंगासागर कॉलोनी में भवन खरीदने वाले उपभोक्ता लामबंद हैं। इसके चलते बोर्ड चेयरमैन कृष्ण मुरारी मोघे व कमिश्नर रविंद्र सिंह के निर्देश पर जांच के लिए बोर्ड के उज्जैन संभाग के उपायुक्त प्रबोध पराते बुधवार को रतलाम आए। उन्होंने गंगासागर कॉलोनी में उपभोक्ताओं की शिकायतें व समस्याएं सुनीं। उपभोक्ताओं की ओर से बिंदुवार जानकारी व समस्या गोविंद राठी ने रखी। इसके बाद उपायुक्त ने कॉलोनी का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें आवंटियों व खरीददारों ने एक-एक कर खामियां दिखाईं। उपायुक्त ने स्थानीय अधिकारियों व ठेकेदार को खामियां दूर करने के निर्देश दिए। इस दौरान उनके साथ उपभोक्ताओं का नेतृत्व कर रहे रतलाम जिला व्यापारी महासंघ के जिलाध्यक्ष बाबूलाल राठी, बोर्ड के कार्यपालन यंत्री आर. के. भस्नैया, संपत्ति अधिकारी आर. एस. रमन, प्रेम एन. वासेन, अपार उपाध्याय, अजय शर्मा, जगदीश चंद्र शर्मा, मांगीलाल पगारे, महेश कस्तूरे, अंकुर सक्सेना के अलावा प्रोजेक्ट ठेकेदार, विद्युत शाखा के कर्मचारी सहित अन्य अमला भी मौजूद था।

‘बेटर लोकेशन के नाम पर अतिरिक्त वसूली बंद करें’

बेटर लोकेशन लॉटरी से मिली। अब बगीचे के पास प्लॉट-मकान आवंटित हुआ तो हम क्या करें। इसके लिए हमसे 10 फीसदी अतिरिक्त वसूली नहीं होनी चाहिए। अगर किसी को नाले के पास प्लॉट आवंटित हुआ है तो उससे 10 फीसदी शुल्क कम क्यों नहीं लिया जाता। ऐसी कई शिकायतें कर उनका निराकरण करने की मांग उपभोक्ताओं ने अफसरों से की। इस दौरान उपायुक्त पराते कुछ मुद्दों पर सफाई देने लगे तो रतलाम जिला व्यापारी महासंघ के जिलाध्यक्ष राठी ने उन्हें टोक दिया। राठी ने कहा आपको बोर्ड ने अपना प्रतिनिधि बनाकर भेजा है। आप सफाई न दें। हमारी बात मुख्यालय पहुंचाएं।

खामियां और उपायुक्त के निर्देश

मकानों से 500 लीटर की पानी की टंकी हटाकर 750 लीटर की रखवाई जाएं। दीवारों पर मोटी रेत का प्लास्टर किया गया है जिससे उसमें छोटे-छोटे गड्ढे हैं। इससे दीवारों की फिनिशिंग के निर्देश दिए। मुख्य सड़क के बीच स्थित बिजली के खंभे को दो-तीन दिन में हटाने के निर्देश दिए। मकानों के आगे से पोल व ट्रांसफार्मर हटाने के लिए बिजली कंपनी को नया प्रपोजल भेजने का कहा। जहां भी नालियां नहीं बनी वहां जल्द बनाने के निर्देश दिए और पौधारोपण के लिए अभी से गड्ढे खोदकर तैयारी करने के सुझाव पर अमल करने के लिए आश्वस्त किया।

इन बिंदुओं पर भोपाल में होगी चर्चा - उपायुक्त ने उपभोक्ताओं को गुणवत्ताहीन दरवाजे बदलने, पोर्च व बरांडा पक्का करने, रोड सुधारने, जीएसटी व इनपुट क्रेडिट, सर्विस टैक्स, भवनों की लागत में वृद्धि आदि मुद्दों को लेकर भोपाल में बोर्ड मुख्यालय पर चर्चा करने के लिए आश्वस्त किया। उन्होंने कहा मुख्य सड़क का ब्रिज बन चुका है। अब इसमें और क्या हो सकता है इसे लेकर संबंधित से बात कर जो भी उचित होगा किया जाएगा। ढलान वाले बगीचों में सुधार के लिए प्रस्ताव भी रखा जाएगा।

धोलावड़ की पाइप लाइन से जोड़ेंगे कॉलोनी

मीठा पानी मिले इसके लिए विधायक चेतन्य काश्यप ने नगर निगम आयुक्त व हाउसिंग बोर्ड के अफसरों से बात कर प्राथमिकता से काम करने के निर्देश दिए। इससे नगर निगम कॉलोनी को धोलावड़ की पाइप लाइन से जोड़ेगा। इस पर होना वाला खर्च हाउसिंग बोर्ड वहन करेगा।

विधायक ने दिए कमियां दूर करने के निर्देश

उपायुक्त पराते विधायक एवं योजना आयोग उपाध्यक्ष चेतन्य काश्यप से भी मिले। विधायक ने सख्त लहजे में उपभोक्ताओं को शिकायतों के समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने भोपाल में कंसलटेंट संजीत सिंह से बात कर कहा- उपभोक्ताओं से इनपुट क्रेडिट की डिफरेंस की राशि ही ली ले सकते हैं। अभी पूरा जीएसटी वसूल रहे हैं। उन्होंने ज्यादा वसूली पर नाराजी जताई।

लोगों की शिकायतें जायज, मुख्यालय के समक्ष रखेंगे

शिकयतें जायज हैं। संबंधित को निर्देश दिए हैं। बाकी के लिए ड्राफ्ट तैयार कर 18 मई को भोपाल में कंसल्टेंट से बात करेंगे। फिर बिंदुवार जानकारी खर्च के प्रस्ताव साथ मुख्यालय को प्रस्तुत करेंगे। प्रबोध पराते, उपायुक्त- हाउसिंग बोर्ड, उज्जैन

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