किराये में 40 फीसदी वृद्धि नहीं होने पर 21 से बसों की हड़ताल
बस किराये में 40 फीसदी बढ़ोतरी की मांग को लेकर मप्र बस आॅनर एसोसिएशन ने 21 मई से प्रदेशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। इससे प्रदेश में संचालित 30 हजार से अधिक यात्री बसों के पहिये थम जाएंगे। इसमें रतलाम की 340 बसें भी शामिल हैं। एसोसिएशन का कहना है डीजल के दाम में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। अन्य उपकरण के दाम में भी 40 फीसदी से अधिक इजाफा हो गया है। बावजूद सरकार द्वारा बस किराए में वृद्धि नहीं हो रही है।
जिला बस ऑनर्स एसोसिएशन के सचिव दिलीप पंड्या ने बताया प्रदेश में डीजल, आॅइल, टायर, शासन का टैक्स, मोटर पार्ट्स के दाम बढ़ गए। बस मालिक आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। कई माह से प्रदेश सरकार से बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं। सरकार ने अब तक कोई निर्णय नहीं लिया। बुधवार को इंदौर में उज्जैन, ग्वालियर, भोपाल, होशंगाबाद, रींवा, जबलपुर और शहडोल संभाग के बस मालिकों की बैठक में 21 मई से हड़ताल की घोषणा की है।
प्रति किमी 92 पैसा किराया, बोर्ड का 25 % का अनुमोदन
वर्तमान में सरकार द्वारा तय 92 पैसे प्रति किमी किराया लिया जा रहा है। सरकार किराए में बोर्ड की अनुशंसा के तहत 25 फीसदी भी बढ़ोतरी करती है तो प्रति किमी 23 पैसा बढ़ जाएगा। इस तरह बस किराया 1 रुपए 15 पैसे हो जाएगा। बस मालिकों द्वारा किराए में 40 फीसदी बढ़ोतरी की मांग को लेकर सरकार ने किराया बोर्ड का गठन किया था। इसने अध्ययन कर रिपोर्ट सरकार को दी थी। इसमें बोर्ड ने 25 फीसदी की बढ़ोतरी का अनुमोदन किया था।
चार्टर्ड बस किराये के नाम पर यात्रियों को चपत
पंड्या ने बताया प्रदेश में संचालित हो रही चार्टर्ड बस किराए के नाम पर यात्रियों की जेब काट रही है। मोटर व्हीकल एक्ट में चार्टर्ड बसें डीलक्स श्रेणी में रजिस्टर्ड हैं लेकिन ऑपरेटर बसों पर सुपर डीलक्स लिखकर उसी श्रेणी का किराया वसूल रहे हैं। एक्ट में सुपर डीलक्स नामक कोई श्रेणी नहीं है। डीलक्स श्रेणी का किराया मप्र में 1.05 पैसे प्रति किमी तय है।