उद्योगपतियों को अब एक बार ही देना होगा डेवलपमेंट शुल्क
औद्योगिक क्षेत्र में जमीन खरीदने या इसके ट्रांसफर कराने पर अब उद्योगपतियों को एक ही बार डेवलपमेंट शुल्क चुकाना होगा। अभी तक जितनी बार भी जमीन का हस्तांतरण होता था उतनी बार डेवलपमेंट शुल्क चुकाना पड़ता था।
अब तक औद्योगिक क्षेत्र में जमीन खरीदने के बाद जितनी बार भी इसका ट्रांसफर होता था। हर बार डेवलपमेंट चार्ज चुकाना होता था। यह दस रुपए प्रति वर्ग फीट के हिसाब से लगता था। औद्योगिक क्षेत्र में सबसे छोटा प्लॉट भी 5000 वर्गफीट है। इससे 50 हजार रुपए डेवलपमेंट चार्ज बनता है। इसका ट्रांसफर जितनी बार होता उतनी बार यह शुल्क चुकाना होता है। अब उद्योग संचालनालय ने हस्तांतरण प्रकरणों में विकास शुल्क नहीं लेने का फैसला लिया है।
हजारों रुपए बचेंगे
हस्तांतरण शुल्क बार-बार वसूलने से विभाग को खूब कमाई हो रही थी। जितनी बार प्लॉट का हस्तांतरण होता उतनी बार उद्योगपतियों को शुल्क चुकाना पड़ रहा था। अब नगर निगम की तरह ही एक ही बार शुल्क लगेगा। डेवलमेंट शुल्क एक ही बार वसूलने का नियम है लेकिन 2015 में नियमों का बदलाव किया था।