‘भागवत में जीवात्मा व परमात्मा का मिलन होता है’
रतलाम | भागवत कथा में जीवात्मा और परमात्मा का मिलन होता है, इन दोनों का मिलन गुरु करवाते हैं। जिस किसी को अच्छे सदगुरु मिल जाते हैं, तो ऐसे सदगुरु की शरण लेने से जीवन का उद्धार हो जाता है। यह बात मंगलम सिटी प्रताप नगर में आयोजित भागवत कथा के पहले दिन भागवताचार्य पं. वासुदेव ने कही। उन्होंने कहा मनुष्य को शरीर में ईमान रखना चाहिए। ईमान शब्द की व्याख्या करते हुए कहा ईमान का मतलब दया, दया ही धर्म का मूल है। धर्म के काम में अभिमान नहीं होना चाहिए, दया होना चाहिए। इससे पहले कथा के प्रारंभ में भागवत पूजन रवींद्र बैरागी, मेघा वैष्णव, नातिक वैष्णव, मधुबाला बैरागी आदि ने किया। मेघा वैष्णव ने बताया कथा रोज दोपहर 3 से 6.30 बजे तक होगी।