बिजली कंपनी की धौंसवास ग्रिड से जुड़े गांव सेजावता, बोरवाना और भटूनी के 10 ट्रांसफार्मरों से तीन महीनों में करीब 800 लीटर ऑइल चोरी हो गया। ये ट्रांसफार्मर किसानों के खेत पर लगे थे। चोरी की घटना 19 फरवरी से 10 मई के बीच हुई। उपभोक्ताओं की शिकायत पर कर्मचारी ट्रांसफार्मर सुधारने पहुंचे तब चोरी की जानकारी हुई। लाइन हेल्पर की रिपोर्ट पर औद्योगिक क्षेत्र थाने में मप्र विद्युत बोर्ड एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
धौंसवास ग्रिड के लाइन हेल्पर लक्ष्मणसिंह पिता गोपालसिंह ने पुलिस को बताया सेजावता में मोहनलाल शर्मा के खेत पर लगे ट्रांसफार्मर से 27 मार्च को, मुकेश शर्मा के खेत पर लगे ट्रांसफार्मर से 19 फरवरी और 1 मई को, भगवतीलाल के खेत पर लगे ट्रांसफार्मर से 21 मार्च को और गायवाले के खेत के ट्रांसफार्मर से 1 मई को ऑइल चोरी हुआ था। गंगाराम के यहां लगे ट्रांसफार्मर से 8 मई को, मांगीलाल के यहां लगे ट्रांसफार्मर से 10 मई को, बोरवाना में जाहिद के खेत पर लगे ट्रांसफार्मर से 9 मई को और भटूनी में जुझारसिंह के खेत पर लगे ट्रांसफार्मर से 11 अप्रैल और 13 मई को ऑइल चोरी हुआ।
वेल्डिंग मशीन में उपयोग होता है- लक्ष्मणसिंह ने बताया ट्रांसफार्मर से ऑइल निकालने के कारण इंसुलेटर क्षतिग्रस्त हो जाता है और सप्लाई रुक जाती है। ट्रांसफार्मर के ऑइल का उपयोग वेल्डिंग की पुरानी मशीनों में उपयोग होता है। नए मॉडल की मशीनें एयरकूल्ड होने के कारण तेल का उपयोग नहीं होता। इसके अलावा ग्रामीणों में भ्रांति है कि पुरानी चोट या मोच में बिजली के तेल की मालिश करने से आराम मिलता है।