इस बार गाइड लाइन कम बढ़ने से प्लॉट और घर खरीददारों को राहत मिलेगी। कलेक्टर के आदेश पर जिला पंजीयक विभाग जमीनों के भाव का दोबारा आकलन कर रहा है। कई इलाकों में प्रस्तावित गाइड लाइन में कटौती की तैयारी की जा रही है। इसके बाद इसे कलेक्टर के सामने रखा जाएगा। इससे लोगों को रजिस्ट्री कराने में राहत मिलेगी और कम दाम चुकाने होंगे।
उप मूल्यांकन समिति ने जमीनों के भाव नए सिरे से तय करने के लिए गाइड लाइन तैयार की है। समिति ने शहर की 65 कॉलोनियों में जमीनों के भाव की बढ़ोतरी का प्रस्ताव तैयार किया था। इसे शुक्रवार को जिला मूल्यांकन समिति की बैठक में रखा था। कलेक्टर रुचिका चौहान ने जिला पंजीयक को प्रस्तावित बढ़ोतरी का पुन: आकलन करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद से जिला पंजीयन विभाग भाव का आकलन कर रहा है। तीन साल पुराने भाव और रजिस्ट्री का आकलन कर संशोधित गाइड लाइन तैयार की जा रही है। इसमें कॉलोनियों के रेट भी कम किए जा रहे हैं। अब सोमवार या मंगलवार को फिर संशोधित गाइड लाइन को कलेक्टर के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। उनकी मंजूरी मिलने के बाद गाइड लाइन को भोपाल स्थित महानिरीक्षक कार्यालय भेजा जाएगा। जहां से स्वीकृति मिलने के बाद नई गाइड लाइन लागू की जाएगी। फिर इसी आधार पर रजिस्ट्री होगी।
पुराने वित्तीय वर्ष की गाइड लाइन से की जा रही रजिस्ट्री
हर साल 1 अप्रैल से नई गाइड लाइन लागू होती है। इस बार मई भी आधे से ज्यादा गुजर गया है लेकिन अब तक गाइड लाइन का प्रस्ताव ही बना है। इससे नया वित्तीय वर्ष शुरू होने के बाद भी पुराने वित्तीय वर्ष के आधार पर जमीन, प्लॉट और मकान की रजिस्ट्री हो रही है। अब यदि अगले महीने से गाइड लाइन लागू होती है तो फिर नई गाइड लाइन के हिसाब से रजिस्ट्रियां होगी।
इन कॉलोनियों में दाम कम करने पर हो रहा विचार
उप मूल्यांकन समिति ने प्रस्तावित गाइड लाइन में मेडिकल कॉलेज के आसपास की कॉलोनियों में सबसे ज्यादा दाम बढ़ाए थे। दाम में 50 फीसदी तक बढ़ोतरी की गई थी। इसमें राजबाग, अपूर्वा कॉलोनी, अंजनी धाम, पलसोड़ा, बंजली शामिल थे। कलेक्टर का कहना था कि मेडिकल कॉलेज अभी तैयार ही हो रहा है। इससे रेट ज्यादा ना बढ़ाए जाएं। इस पर विभाग मेडिकल कॉलेज के आसपास के एरियों में भाव में संशोधन कर रहा है। इसके बाद इसे लागू किया जाएगा।