1600 से नीचे लहसुन बिकी तो भी मिलेगा भावांतर का लाभ
भावांतर योजना में लहसुन की खरीदी में संशोधन किया है। अब किसी किसान की लहसुन 1600 रुपए से नीचे भी बिकी तो भी उसे योजना का लाभ मिलेगा और उसे प्रोत्साहन राशि मिलेगी।
इसके पहले योजना में खरीदी के लिए 1600 रुपए क्विंटल की शर्त थी। यानी किसी किसान की लहसुन इससे कम दामों में बिकी तो उसे योजना में शामिल नहीं किया जा रहा था। लहसुन का औसत भाव 12 से 14 रुपए किलो चल रहा है। इससे 98 फीसदी किसान योजना में लहसुन नहीं बेच पा रहे थे और इसका विरोध शुरू हो गया था। शुक्रवार को तो अनाज मंडी में लहसुन एक रुपए किलो बिकी। कम दाम मिलने पर किसानों ने हंगामा किया। किसान एकता मंच के बैनर तले जगदीश पाटीदार और सुरेश पाटीदार दंतोडिया ने भावांतर योजना का विरोध जताया और मंडी का गेट बंद कर दिया था। उनका कहना था कि एक से दो फीसदी किसानों की लहसुन ही योजना में बिक रही है। किसानों के लिए शुरू की गई। इस योजना का लाभ किसानों को नहीं मिल रहा है। साथ ही 17 अप्रैल को भी मंडियों में प्रदर्शन की चेतावनी दी थी। अब संशोधित आदेश से किसानों को राहत मिली है और किसी भी भाव में लहसुन बिकने पर योजना का लाभ किसानों को मिल सकेगा।