पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Ratlam
  • पिछले साल खराब हुई फसल का बीमा नहीं मिला, किसान पहुंचे कलेक्टोरेट

पिछले साल खराब हुई फसल का बीमा नहीं मिला, किसान पहुंचे कलेक्टोरेट

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
पिछले साल ज्यादा बारिश होने और कीड़े लगने के कारण सोयाबीन की फसल खराब हो गई। कई गांवों के किसानों को बीमा राशि नहीं मिली है। किसान कलेक्टोरेट पहुंचे। वहां धरना भी दिया। कलेक्टर ने जल्दी बीमा राशि दिलवाने का आश्वासन दिया।

नोगांवा कला, बारोड़ा, भारोड़ा व चंदोड़िया के किसानों ने बताया सेवा सहकारी संस्था नोगांवा कला के जरिए हमने पिछले साल सोयाबीन सहित अन्य फसलों का बीमा करवाया था। ज्यादा बारिश होने और कीड़े लगने से फसलें खराब हो गई। हमारे पास के गांव पलदुना व पंचेड़ गांव में लोगों को बीमा राशि मिली है लेकिन हमारे गांवों में एक भी किसान को बीमा नहीं मिला है।

पहले जनसुनवाई में, फिर एडीएम और उसके बाद कलेक्टर से मिले

किसान पहले जनसुनवाई में पहुंचे और फसल बीमा दिलवाने की मांग की। फिर किसान वहां से कलेक्टोरेट कार्यालय के बाहर नारेबाजी करने लगे। एडीएम जितेंद्रसिंह चौहान पहुंचे। किसानों ने कहा कि कुछ दिन पहले वे कलेक्टर से बीमा राशि की मांग को लेकर मिले थे लेकिन उन्हें अब तक बीमा राशि नहीं मिली है। एडीएम ने बताया तहसीलदार का तबादला होने से मामला आगे नहीं बढ़ पाया। नए अधिकारी को व्यवस्था समझने में समय लग रहा है। बीमा राशि जल्द दिलवाई जाएगी। समझाइश देकर एडीएम चले गए लेकिन किसान फिर भी नहीं माने और कलेक्टर आई तो उन्होंने फिर नारेबाजी शुरू कर दी। कलेक्टर रुचिका चौहान ने बताया कृषि विभाग के अधिकारियों को आपके ही काम में लगाया है। हम पूरा प्रयास कर रहे हैं कि जिले के हर गांव में बीमा राशि पहुंचे ताकि किसानों को दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़े। इस पर किसान माने और वापस गए।

इन गांवों को भी नहीं मिला लाभ

भारतीय किसान संघ के अध्यक्ष ललित पालीवाल ने बताया मांगरोल, धराड़, भाटी बड़ोदिया, लुनेरा, बंबोरी, नौगांवा जागीर चौराना, जलोद में पिछले साल सोयाबीन की फसल खराब होने के बाद भी बीमा राशि नहीं दी गई है। पालीवाल ने मांग की कि किसानों को बीमा राशि देने के साथ ही बीमा करने की हर साल रसीद जारी करने की भी शुरुआत की जाए।

खबरें और भी हैं...