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मालीकुआं, जवाहर नगर और आनंद कॉलोनी के पंडाल में विराजेंगे मिट्टी के गणेश, ऑर्डर के बाद बंगाल के कारीगरों ने मिट्टी से प्रतिमा बनाना किया शुरू

3 वर्ष पहले
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मालीकुआं, जवाहर नगर व आनंद कॉलोनी में इस साल मिट्टी के गणेश की प्रतिमाएं ही विराजित की जाएगी। ऑर्डर के बाद कारीगरों ने प्रतिमा बनाना शुरू कर दिया है। यह प्रतिमाएं रतलाम की काली मिट्टी से बन रही हैं। फिनिशिंग गंगा नदी की माटी से की जाएगी।

गणेश उत्सव की तैयारियां शुरू हो गई है। पंडालों में मूर्तियों को विराजित करने वाले पर्यावरण का ध्यान रख रहे हैं। गांधीनगर में बंगाल के कलाकारों ने मूर्तियां बनाने का काम शुरू कर दिया है। अभी तक 30 से ज्यादा मूर्तियां तैयार हो चुकी हैं। अभी इनमें फिनिशिंग का काम किया जा रहा है। मूर्तिकारों के पास शहर के लिए ऑर्डर आना शुरू हो गए है। अभी तक मालीकुआं में 9 फीट, जवाहर नगर में 6 फीट और आनंद कॉलोनी में 7.5 फीट मिट्टी के गणेश बनाने के लिए ऑर्डर मिले हैं। मूर्तिकार अलग-अलग प्रकार के गणेश की प्रतिमाएं बनाने में जुटे हैं

भास्कर सरोकार

काली मिट्टी से बना रहे प्रतिमा, कोलकाता की गंगा नदी की माटी से होगी फिनिशिंग, गणेशोत्सव मंडल अभियान से जुड़ना हुए शुरू

मिट्टी के गणेश ही बना रहे कोलकाता के कलाकार

शहर में गांधीनगर में कोलकाता से आए कलाकार कामन पाल, लूनी पाल और ओस्प मिट्टी के गणेश बना रहे हैं। कामन ने बताया मूर्तियां बनाना उनका मुख्य पेशा है। वे गणेश चतुर्थी से एक या दो महीने पहले रतलाम आते हैं यहां दिन रात गणेशजी की मूर्तियां बनाते हैं। इसके बाद माताजी की प्रतिमा बनाने में जुट जाते हैं। 4 माह बाद फिर अपने घर लौट जाते हैं। विशेष बात यह है कि यह कलाकार सिर्फ मिट्टी के गणेश बनाते हैं ताकि पर्यावरण को किसी तरह का नुकसान न हो।

गणेशजी की प्रतिमा की फिनिशिंग करते कोलकाता के कारीगर कामन पाॅल।

700 से 15 हजार रुपए तक की हैं गणेश प्रतिमाएं

पाल बताते हैं यह सच है कि मिट्टी के गणेश अन्य पीओपी की प्रतिमाओं से कुछ महंगे होते हैं लेकिन इनमें बहुत ज्यादा अंतर नहीं होता। 700 रुपए में काली मिट्टी की ट्राॅली डलवाते हैं व फिनिशिंग के लिए गंगा नदी की मिट्टी कोलकाता से लाते हैं। यूं तो कोलकाता में यह मिट्टी 50 रुपए बोरी में मिल जाती है लेकिन इसे रतलाम लाते हैं तो यह 600 रुपए की पड़ जाती है। एक ट्राॅली मिट्टी से करीब 20 मूर्तियां बन जाती है। अभी हमारे पास 700 से लेकर 15000 रुपए तक की प्रतिमाएं हैं।

इधर... नियमों के खिलाफ पीआेपी की प्रतिमाओं का निर्माण चलता रहा

एक ओर जहां शहरवासियों ने मि‌ट्टी के गणेश की बुकिंग करवाना शुरू कर दी है तो वहीं दूसरी ओर पीओपी के गणेशजी बनाने वाले कलाकार भी बेधड़क अपना काम कर रहे हैं। एनजीटी की गाइडलाइन के खिलाफ यह कलाकार नियमों के खिलाफ जाकर प्रशासन को खुली चुनौती दे रहे है तो वही प्रशासन सिर्फ कार्रवाई करने की बात कहकर अभी तक चुप बैठा है।

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